ट्रंप के आदेश के बाद भी नहीं माने नेतन्याहू! गाजा पर इजरायल की ताबड़तोड़ बमबारी; 6 लोगों की मौत



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बमबारी रोकने का आदेश दिया था और कहा था कि हमास शांति के लिए तैयार है. इसके अलावा बंधकों को रिहा करने और युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी योजना की कुछ अन्य शर्तों को स्वीकार करने पर भी सहमत है. हालांकि, इस आदेश के बावजूद इजरायल रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच गाजा के अधिकारियों ने बताया कि इजरायल ने शनिवार (4 अक्टूबर 2025) को गाजा पर हमला किया. इजरायली गोलाबारी में गाजा पट्टी में छह लोगों की मौत हो गई. चिकित्साकर्मियों और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि एक हमले में गाजा शहर के एक घर में चार लोग मारे गए, जबकि दूसरे हमले में दक्षिण में खान यूनिस में दो अन्य लोग मारे गए.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले अपनी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना प्रस्तुत की थी, जिसमें हमास को रविवार (5 अक्टूबर 2025) तक इसे स्वीकार करने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी. ट्रंप का दावा है कि यह योजना बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्ति के लिए एक व्यावहारिक रास्ता खोल सकती है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए ताकि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्दी से बाहर निकाल सकें. यह सिर्फ गाजा के बारे में नहीं है. यह मध्य पूर्व में लंबे समय से चाही जा रही स्थायी शांति के बारे में है. ट्रंप ने खुद को गाजा में शांति लाने में सक्षम एकमात्र व्यक्ति बताया है और कहा कि वे इस दो साल पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनीतिक पूंजी लगा रहे हैं.

नेतन्याहू की सरकार ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने घोषणा की कि सरकार ट्रंप की गाजा योजना के पहले चरण को तत्काल लागू करने की तैयारी कर रही है. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को गाजा में आक्रामक गतिविधियां कम करने के निर्देश दिए हैं. इजरायल के सैन्य प्रमुख ने भी कहा कि सेना को पहले चरण के कार्यान्वयन के लिए तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या यह युद्धविराम की दिशा में कदम है या नहीं.

हमास की प्रतिक्रिया शांति के लिए तैयार

गाजा पर नियंत्रण रखने वाले फ़िलिस्तीनी संगठन हमास ने ट्रंप की योजना पर आंशिक सहमति जताई है. हमास के नेताओं ने कहा कि वे बंधकों की रिहाई और संघर्ष विराम पर बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें गाजा की मानवीय स्थिति में सुधार और नाकेबंदी हटाने की गारंटी चाहिए. हमास की यह प्रतिक्रिया ट्रंप के रविवार तक फैसला करो वाले अल्टीमेटम के बाद आई है. इससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक रास्ता खुल सकता है, यदि इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई को सीमित करता है.

युद्ध से थकी जनता और बंधक परिवारों का दबाव

इजरायल में युद्ध जारी रहने से बंधक परिवारों और आम नागरिकों में नाराज़गी बढ़ रही है. बंधकों के परिवारों ने नेतन्याहू सरकार से अपील की है कि वह “सभी बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत वार्ता शुरू करे. एक ओर इजरायल के अंदर शांति की मांग बढ़ रही है, दूसरी ओर उनके दक्षिणपंथी सहयोगी युद्ध जारी रखने पर अड़े हुए हैं. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू अब ट्रंप की मध्यस्थता के जरिए घरेलू असंतोष को कम करने की कोशिश कर सकते हैं.

गाजा में हालात भयावह

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली सैन्य हमलों में अब तक 66,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश नागरिक हैं. लगातार बमबारी ने गाजा की आधी से अधिक आबादी को बेघर कर दिया है, और कई इलाकों में भोजन और चिकित्सा आपूर्ति की भारी कमी है. अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों का कहना है कि गाजा में अब अकाल जैसे हालात बन चुके हैं. मानवीय संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह तत्काल युद्धविराम और सहायता गलियारों की व्यवस्था करे.

7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ संघर्ष
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ जब हमास ने इजरायल पर हमला किया.इस हमले में 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया.इजरायल का कहना है कि अब भी 48 बंधक गाजा में हैं, जिनमें से 20 जीवित बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार युद्ध जारी है, जिसने पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है.

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