अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाम बीच स्थित मार-ए-लागो में एक हमलावर ने घुसने की कोशिश की. उसके हाथ में शॉटगन और पेट्रोल बम भी था, जिसके बाद सीक्रेट सर्विस ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें 20 साल के शख्स की मौके पर ही मौत हो गई.
एजेंसी ने बताया कि वह व्यक्ति वेस्ट पाम बीच एस्टेट के उत्तरी गेट के पास पहुंचा. उसके हाथ में एक शॉटगन और एक पेट्रोल बम था. उसके बाद वो रिसॉर्ट के चारों ओर बने सुरक्षा घेरे में घुस गया.
सीक्रेट सर्विस ने बयान में क्या कहा?
सीक्रेट सर्विस ने बयान में कहा, ‘मार-ए-लागो प्रॉपर्टी के उत्तरी गेट के पास एक व्यक्ति को देखा गया, जिसके पास एक शॉटगन और एक पेट्रोल बम था. जब वो प्रतिबंधित क्षेत्र के अंदर घुसा तो पुलिसकर्मियों और पाम बीच काउंटी शेरिफ कार्यालय के एक डिप्टी ने उसका सामना किया और उस पर फायरिंग की. उस शख्स को गोली लग गई और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. हालांकि उसकी पहचान अभी गुप्त रखी गई है.’
जानकारी के मुताबिक, सीक्रेट सर्विस या शेरिफ ऑफिस का कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ है. फिलहाल एफबीआई, सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ ऑफिस संयुक्त रूप से गोलीबारी की जांच कर रहे हैं. यह भी पड़ताल की जा रही है कि आखिर हमला करने वाले शख्स का मकसद क्या था और उसका बैकग्राउंड और हाल में उसकी एक्टिविटी क्या रही है. सीक्रेट सर्विस ने बताया कि घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति वाशिंगटन में थे और रिसॉर्ट में कोई भी संरक्षित व्यक्ति मौजूद नहीं था.
पाम बीच काउंटी शेरिफ रिक ब्रैडशॉ ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया, शख्स लोकल टाइम के अनुसार करीब 1.30 पर मार-ए-लागो के अंदर सुरक्षा घेरे में घुस गया. उन्होंने कहा, उसके पास शॉटगन और पेट्रोल बम था. अधिकारियों ने उसे इन चीजों को छोड़ने के लिए कहा लेकिन उसने पेट्रोल बम नहीं छोड़ा और गन को गोलियां चलाने के लिए उठा लिया. एजेंटों ने संभावित खतरे को नाकाम करने के लिए जवाबी कार्रवाई की.