ट्रंप के टैरिफ से भारत को बचाएगा रूस! पुतिन ने साबित की दोस्ती, अपनी सरकार को दिया आदेश- इंडिया से खरीदें…



व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रूस भारत का सच्चा दोस्त है. उन्होंने कहा है कि भारत को टैरिफ की वजह से जो नुकसान हो रहा है, उसको कम करने के लिए उनकी सरकार उपाय करेगी. भारत से रूस और ज्यादा फार्मास्यूटिकल और एग्रीकल्चरल उत्पाद खरीद सकता है.

भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की पुतिन ने आलोचना की है. उन्होंने अपनी सरकार को निर्देश दिया है कि रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत को हो रहे व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए उपाय करें. भारत रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदता है, जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी असंतुलन है. अब रूसी तेल खरीदने की वजह से अमेरिका भारी भरकम टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बना रहा है इसलिए पुतिन चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को कम किया जाए.  

गुरुवार (2 अक्टूबर, 2025) को रूस के सोची स्थित ब्लैक सी रिसॉर्ट में भारत समेत 140 देशों के सुरक्षा और जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के इंटरनेशनल वल्दाई डिस्कशन में बोलेत हुए पुतिन ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूसी कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी और भारत को संप्रभु राष्ट्र के तौर पर प्रतिष्ठा भी मिलेगी. 

भारत से दवाएं खरीदेगा रूस
पुतिन ने संकेत दिए हैं कि इस नुकसान की भरपाई के लिए रूस भारत से दवाईयां खरीद सकता है. उन्होंने कहा कि इस व्यापार असंतुलन को भारत के फार्मास्यूटिकल और एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट खरीदकर कम किया सकता है. पिछले महीने ही ट्रंप ने एक अक्टूबर से भारत की पेटेंट दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जबकि जेनेरिक दवाओं को इससे बाहर रखा गया.

व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उन्होंने भारत से व्यापार को लेकर जो उपाय करने को कहा है उसमें कोई राजनीतिक पहलू नहीं है, यह इकोनॉमिक कैल्कूलेशन है. उन्होंने कहा कि अगर भारत रूसी संसाधनों को छोड़ता है तो इससे बहुत नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि अलग-अलग अंदाजा लगाया गया है, कुछ का कहना है कि 9-10 बिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है, लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उस पर सेंक्शन लगेंगे और वो जो नुकसान है वो तो उतना ही रहने वाला है.

पुतिन ने कहा कि भारत क्यों ऐसा करेगा, अगर वह रूसी संसाधनों को छोड़ता है तो इससे उसको घरेलू राजनीतिक नुकसान भी होंगे और भारतीय कभी अपना अपमान होने नहीं देंगे. उन्होंने कहा, ‘भारतीय लोग कभी किसी को अपनी बेइज्जती करने का मौका नहीं देते. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानता हूं, वह कभी कोई ऐसा फैसला नहीं करेंगे.’

भारतीय अपना अपमान नहीं होने देंगे, बोले पुतिन
पुतिन ने भारत और रूस के रिश्तों पर कहा कि हमारे बीच कभी कोई दिक्कत नहीं हुई, कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी वजह से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हो. व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते सोवियत संघ के समय से मजबूत हैं, भारत उस समय आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था.

उन्होंने कहा कि भारत के लोग आज भी इसे भूले नहीं हैं, वे हमारे रिश्ते को जानते हैं और उसकी कद्र करते हैं. हम इस बात की प्रशंसा करते हैं कि भारत ने कभी रूस के साथ अपने रिश्तों को नजरअंदाज नहीं किया. पुतिन ने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहनी की और पीएम मोदी को एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया.



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