अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के दावे पर ईरान का बड़ा बयान सामने आया है. तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके साथ कोई बातचीत नहीं हुई है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से संबद्ध मीडिया का कहना है कि ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हुई और उनका दावा है कि ट्रंप ने ईरान की जवाबी कार्रवाई के डर से अपना रुख बदल लिया है. आईआरजीसी की ओर से कहा गया कि ईरान की प्रतिक्रिया के डर से डोनाल्ड ट्रंप ने अपना 48 घंटे का अल्टीमेटम वापस ले लिया.
ट्रंप और अमेरिका ने पीछे हटाए कदमः इब्राहिम रजाई
इस दौरान ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा कमिटी के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका ने फिर से अपने कदम पीछे हटा लिए हैं. हमारा अभियान लगातार तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है. यह शैतान (डोनाल्ड ट्रंप) के लिए एक और हार है.’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या किया दावा?
दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अगले पांच दिनों तक ईरान के पॉवर प्लांट्स पर किसी तरह का हमला नहीं करेगा. उन्होंने दावा किया है अमेरिका और ईरान के बीच काफी सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने पेंटागन से ईरानी पॉवर प्लांट और ऊर्जा ढांचों के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले को टालने का आदेश दिया है. उन्होंने यह भी दावा किया है दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और तनाव को पूरी तरह से खत्म करने के लिए गंभीर बातचीत जारी है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का पूर्ण समाधान निकलना वार्ता का उद्देश्यः ट्रंप
उन्होंने आगे कहा, ‘ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का पूर्ण समाधान निकालना है. बातचीत का यह दौर पूरे हफ्ते जारी रहेगा. दोनों देशों के बीच विस्तृत चर्चाओं के सकारात्मक रवैये को देखते हुए मैंने अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए.’
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