अमेरिकी संसद के बाहर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिटकॉइन पकड़े हुए एक विशाल और आकर्षक 12 फुट ऊंची स्वर्ण प्रतिमा लगाई गई है. ट्रंप के इस गोल्डन स्टैच्यू को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस स्टैच्यू को लेकर एक तरह जहां लोगों में रोमांच पैदा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर विवाद भी शुरू हो गया है. दरअसल ट्रंप की प्रतिमा का अनावरण ऐसे समय में हुआ है, जब फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की है.
क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों ने किया फंड
एबीसी से संबद्ध डब्ल्यूजेएलए के अनुसार, इस प्रतिमा को बनाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों की तरफ से फंड किया गया है. रिपोर्टों के अनुसार, आयोजकों ने कहा कि इस प्रतिमा का उद्देश्य डिजिटल मुद्रा के भविष्य, मौद्रिक नीति और वित्तीय बाजारों में संघीय सरकार की भूमिका पर बहस छेड़ना है.
इसके अलावा कई लोगों का कहना है कि ये गोल्डन स्टैच्यू क्रिप्टोकरेंसी के लिए ट्रंप के मुखर समर्थन को श्रद्धांजलि देती है और उम्मीद है कि यह पूरे दिन पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित करेगी. सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस स्टैच्यू के फोटो और वीडियो वायल हो रहे हैं. इनमें राष्ट्रपति के क्रिप्टोकरेंसी समर्थक रुख की प्रशंसा की गई है.
दिसंबर 2024 के बाद पहली बार ब्याज दर में कटौती
दिसंबर 2024 के बाद पहली बार फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर में एक चौथाई अंक की कटौती की घोषणा की है. इस कटौती से अल्पकालिक ब्याज दर 4.3 प्रतिशत से घटकर लगभग 4.1 प्रतिशत हो जाएगी. केंद्रीय बैंक ने खुलासा किया है कि इस वर्ष दो बार और ब्याज दरों में कटौती की योजना बनाई है, लेकिन 2026 में केवल एक बार इससे वॉल स्ट्रीट निराश हो सकता है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी केंद्रीय बैंक प्रमुख के बीच संबंधों को लेकर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं. हालांकि, सबकी निगाहें जेरोम पॉवेल के नेतृत्व में फेड अधिकारियों द्वारा ब्याज दरों में कटौती के अहम फैसले को लेकर ट्रंप के रिएक्शन पर टिकी हैं.
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