ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर की संभावना से किया इनकार, जानें चीन-जापान का जिक्र कर क्या कहा?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे युद्ध में सीजफायर नहीं चाहते. उन्होंने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट समय आने पर खुद ही खुल जाएगा और अगर चीन इसमें शामिल हो जाए तो यह अच्छा होगा.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पाने के लिए बहुत मदद की जरूरत है. अगर चीन और जापान जैसे देश इसमें शामिल हों तो अच्छा होगा.

‘युद्धविराम नहीं चाहता’
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ट्रंप ने युद्धविराम की संभावना से इनकार करते हुए कहा, “देखिए, हम बातचीत कर सकते हैं लेकिन मैं युद्धविराम नहीं चाहता. आप जानते हैं, जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हों तो युद्धविराम नहीं किया जाता है.” 

क्या इजरायल युद्ध खत्म करने के लिए तैयार होगा? 
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई पूरी करने के बाद इजरायल युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार होगा, तो ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है ऐसा होगा.” अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में मदद देने में उन्हें तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी. 

ट्रंप ने एक बार फिर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्यों और चीन सहित अपने सैन्य सहयोगियों पर होर्मुज जलमार्ग को खोलने में मदद करने से इनकार करने के लिए जमकर निशाना साधा. होर्मुज जलमार्ग वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस प्रवाह के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन करता है.

चीन और जापान का जिक्र कर क्या कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज के बारे में कहा, “नाटो हमारी मदद कर सकता है, लेकिन उन्होंने अभी तक ऐसा करने की हिम्मत नहीं दिखाई. होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि एक समय ऐसा आएगा जब यह अपने आप खुल जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज से सुरक्षित आवागमन के लिए काफी मदद की जरूरत है और अगर चीन और जापान जैसे देश इसमें शामिल हों तो अच्छा होगा.

युद्ध की शुरुआत से ही ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से घेर रखा है, जिससे समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है.

ये भी पढ़ें

Saudi Arab Oil Impact: तेल की किल्लत से सऊदी अरब की तिजोरियां भरीं! फिर भी तीन वजहों से खुश नहीं, दुनिया में बदनामी का डर क्यों?



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *