How electoral rolls changing India: देश के राज्यों में चल रही चुनाव सुधार प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) यानी एसआईआर ने देश के चुनाव प्रक्रिया और वोटर्स लिस्ट को काफी हदतक बदल कर रख दिया है. आजादी के बाद से चुनाव आयोग का यह कदम एक अहम बदलाव माना जा रहा है.
अब तक कई राज्यों में हुई इस प्रक्रिया का जो ब्योरा सामने आया है, उसमें ऑथिंटिक वोटर्स की लिस्ट तैयार की गई है. आइए समझते राज्यवार एसआईआर के आंकड़े, किन राज्यों में कितने वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. अब कुल कितने वोटर्स मतदान के लिए उपयुक्त हैं.
(समझते हैं, भारत में तमिलनाडु से लेकर पुड्डुचेरी तक कैसे मतदाता सूची की तस्वीर बदली है.)
क्या कहते हैं राज्यवार आंकड़े?
- तमिलनाडु में एसआईआर प्रक्रिया को अंजाम दिया जा चुका है. जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 6.41 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 5.67 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 1.02 करोड़ वोटर्स को हटाया गया है. 15.85% वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- केरल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 2.79 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 2.7 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 24.62 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 8.84% वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- गुजरात में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 5.08 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 4.40 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 77.69 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 15.28 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 7.89 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 7.42 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 68.66 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 8.7 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- मध्यप्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 5.74 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 5.4 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 45.11 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 7.86 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- छत्तीसगढ़ में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 2.12 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 1.87 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 28.44 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 13.39 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- राजस्थान में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 5.47 करोड़ वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 5.16 करोड़ पर आ गया है. इस दौरान 44.28 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 8.1 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- गोवा में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 11.85 लाख वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 10.58 लाख पर आ गया है. इस दौरान 1.4 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 11.78 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- अंडमान और निकोबार द्वीप में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 3.1 लाख वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 2.58 लाख पर आ गया है. इस दौरान 69,283 वोटर्स को हटाया गया है. 22.32 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- लक्षद्वीप में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 57,813 हजार वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 57,607 हजार पर आ गया है. इस दौरान 1,476 वोटर्स को हटाया गया है. 22.32 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
- पुड्डुचेरी में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जो आंकड़े सामने आए है, उसके मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया से पहले 10.22 लाख वोटर थे. यह आंकड़ा प्रक्रिया के बाद घटकर 9.44 लाख पर आ गया है. इस दौरान 1.19 लाख वोटर्स को हटाया गया है. 11.67 % वोटर्स के नाम हटाए गए हैं.
इन आधारों पर चुनाव आयोग ने हटाए वोटर्स के नाम
चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को बेहतर तरीके से अपनाते हुए इन मापदंडो का सहारा लिया. इनमें एसआईआर प्रक्रिया के बाद जिन वोटर्स के नाम जोड़े गए हैं, वह सभी नए वोटर्स हैं. इसके अलावा जिनके नाम हटाए गए हैं, उनमें जो अनुपस्थित रहे, अन्य जगह पर रहने लगे हैं, डुप्लीकेट वोटर्स, काबिल वोटर्स, और सत्यापन के समय जो वोटर्स अलग शिफ्ट हो गए हैं, शामिल है.
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