तारिक रहमान ने यूनुस को दिया तगड़ा झटका, बांग्लादेश में दर्ज इन मुकदमों की फिर होगी जांच


बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान ने मोहम्मद यूनुस के अंतरिम सरकार के दौरान लिए गए कई फैसलों में फेरबदल की है. बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने सोमवार (23 फरवरी 2026) को उत्पीड़न रोकने के लिए 5 अगस्त 2024 के बाद के मामलों की समीक्षा का आदेश दिया. उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि छात्र विद्रोह के माध्यम से अवामी लीग सरकार के पतन के बाद दर्ज किए गए मामलों की फिर से जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्दोष व्यक्तियों को उत्पीड़न का शिकार न बनाया जाए.

बांग्लादेश के गृह मंत्री ने पुलिस को दिया निर्देश

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक सलाहुद्दीन अहमद ने निदेशालयों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ तीन घंटे की बैठक की. उन्होंने कहा, ‘5 अगस्त, 2024 के बाद व्यक्तिगत लाभ के लिए कुछ लोगों ने व्यापारियों और पत्रकारों सहित विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया. पुलिस को इन मामलों की फिर से जांच करने और कानून के शासन को स्थापित करने के लिए सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.’

भीड़ तंत्र बर्दाश्त नहीं: सलाहुद्दीन अहमद

उन्होंने स्पष्ट किया कि भीड़ तंत्र को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सलाहुद्दीन अहमद ने जोर देकर कहा, ‘एनएच को बंद करना या हिंसा के जरिए अपनी मांगों को मनवाने का चलन अब समाप्त हो चुका है. अब शिकायतों को कानूनी और और संस्थागत माध्यमों से ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए.’

पिछली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि पुलिस बल राजनीतिक हस्तक्षेप से बुरी तरह प्रभावित हुआ था. सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में कानून प्रवर्तन की केंद्रीय भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस के बिना समाज प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर सकता. उन्होंने पुलिस सुधार आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया.

पुलिस की छवि सुधारनी होगी: सलाहुद्दीन अहमद

पुलिस बल का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘कई लोगों के लिए मंत्रालय का मतलब पुलिस ही होता है पुलिस को जनता का दोस्त बनना होगा. पहले जो छवि खराब हुई थी, उसे सुधारना होगा. हमें पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त मंत्रालय बनाना होगा. हर स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता होनी चाहिए. यदि बल के भीतर कोई भी व्यक्ति आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो जांच के बाद तत्काल कार्रवाई की जाएगी.’



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