तेलंगाना में बागी विधायकों को क्लीन चिट देना पड़ा भारी, SC की फटकार के बाद स्पीकर को नोटिस, क्या है पूरा मामला


तेलंगाना की राजनीति में अवमानना का एक बड़ा मामला दर्ज हुआ है. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गड्डम प्रसाद को नोटिस जारी किया है. देश की सर्वोच्च अदालत ने आज यह कड़ा कदम उस समय उठाया, जब भाजपा विधायक महेश्वर रेड्डी ने स्पीकर पर अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की. आरोप है कि स्पीकर ने बागी बीआरएस विधायकों को क्लीन चिट देकर अदालत के स्पष्ट निर्देशों और अवमानना कानून की धज्जियां उड़ा दी हैं.

पीठ ने स्पीकर को नोटिस कर मांगा जवाब

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस अगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई. पीठ ने भाजपा विधायक की याचिका पर संज्ञान लेते हुए स्पीकर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता की दलील है कि स्पीकर ने अयोग्यता के मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बावजूद बागी विधायकों को बरी कर दिया, जो न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में दखल के समान है. 

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि महेश्वर रेड्डी की यह याचिका बीआरएस नेता और पूर्व मंत्री के.टी. रामा राव (केटीआर) द्वारा इसी मामले में दायर पहली याचिका के साथ टैग की जाएगी. 

विधायकों की सदस्यता पर मंडरा रहे संकट के बादल

तेलंगाना में बीआरएस से दल-बदल कर कांग्रेस में शामिल हुए कई विधायकों की सदस्यता पर संकट के बादल मंडरा रहे थे. पिछली सरकार के दौरान यह मामला लंबित था, लेकिन जैसे ही गड्डम प्रसाद नए स्पीकर बने, उन्होंने इन बागी विधायकों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) से मुक्त कर दिया. इस कदम को विपक्ष द्वारा लोकतंत्र पर हमला करार दिया गया था. अब भाजपा और बीआरएस दोनों ही अलग-अलग तौर पर स्पीकर के इस फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दे रहे हैं.

12 बागी विधायकों की अयोग्यता का मामला सुर्खियों में

बीआरएस सरकार मे उस समय के विधानसभा अधयक्ष पोचारम श्रीनिवास रेड्डी के समय कांग्रेस के 12 बागी विधायकों की अयोग्यता का मामला काफी सुर्खियों में था. हालांकि, तब सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई की और स्पीकर को फैसला लेने के लिए समय दिया या निर्देश जारी किए, लेकिन ‘अदालत की अवमानना’ का नोटिस जारी नहीं किया गया था. दिलचस्प यह है की पोचारम श्रीनिवास रेड्डी भी अब कांग्रेस में शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी के लिए टाल दी है, जिसका इंतजार पूरा राज्य बेसब्री से कर रहा है.



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