तेलंगाना राइजिंग 2047: दावोस में वैश्विक मंच पर पहुंचे CM रेवंत रेड्डी, विदेशी निवेशकों को बुलावा


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विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के ज्यूरिक पहुंच गया है. दावोस में अगले चार दिनों तक जारी रहने वाली इस वैश्विक चर्चा में ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ के रोडमैप को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना और राज्य की नीतियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करना इस यात्रा का प्रमुख एजेंडा है.

ज्यूरिक एयरपोर्ट पर जैसे ही मुख्यमंत्री का विमान उतरा, वहां मौजूद प्रवासी तेलंगाना निवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया. भारी ठंड के बावजूद उत्साह और जोश से लबरेज लोगों ने अपने नेता का अभिनंदन किया, जिससे मुख्यमंत्री और उनके साथियों का मनोबल और बढ़ा. मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जबकि उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पहले ही दावोस पहुंच चुके हैं.

व्यापारिक नेताओं के साथ संवाद करेंगे रेड्डी
यह यात्रा तेलंगाना के लिए केवल एक प्रोटोकॉल विजिट नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक कदम है. बैठक के पहले दिन ही मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी दुनिया के शीर्ष औद्योगिक घरानों और व्यापारिक नेताओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे. इस दौरान पिछले दिसंबर में राज्य सरकार द्वारा जारी ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ विजन डॉक्यूमेंट को गहराई से प्रस्तुत किया जाएगा. यह दस्तावेज राज्य की भविष्य की आर्थिक योजनाओं, सरकार की नीतियों और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल की झलक देता है.

दावोस में तेलंगाना की उपस्थिति का मतलब है कि राज्य अब केंद्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी ताकत और क्षमता को स्थापित करने के लिए तैयार है. सरकार का फोकस टिकाऊ निवेश (Sustainable Investment) पर है, ताकि 2047 तक राज्य देश के सबसे विकसित राज्यों में अपनी जगह बना सके.

राज्य की आर्थिक रफ्तार को तेज करने में मिलेगी मदद
यह अभियान तेलंगाना के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है. दुनिया के बड़े आर्थिक विशेषज्ञों और निवेशकों के सामने अपनी विकास कहानी पेश कर राज्य सरकार स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि तेलंगाना व्यापार और उद्योग जगत के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक गंतव्य है. इस WEF सम्मेलन से राज्य को मिलने वाले निवेश और साझेदारियां भविष्य में इसकी आर्थिक रफ्तार को और तेज करने में मददगार साबित होंगी.

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