ईरान में जंग की वजह से गैस और तेल की किल्लत के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोमवार (30 मार्च, 2026) को शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों के साथ बैठक की है. मीटिंग के बाद उन्होंने निर्देश दिया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच जनता पर बढ़ती कीमतों का बोझ कम करने के लिए हरसंभव उपाय किए जाएं.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य नेताओं की उपस्थिति में अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और क्षेत्रीय स्थिति पर एक विस्तारित परामर्श बैठक की अध्यक्षता करते हुए कीं. एक बयान के अनुसार, बैठक में राज्यों ने बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने, आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने और जनता पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी, ताकि एक समन्वित राष्ट्रीय प्रयास संभव हो सके.
आसिफ अली जरदारी ने दोहराया कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. उन्होंने निर्देश दिया कि आर्थिक प्रबंधन, ऊर्जा नियोजन, खाद्य सुरक्षा उपायों और सुरक्षा तैयारियों के बीच तालमेल बिठाते हुए समन्वित निर्णय लिये जाएं. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने व्यापक मांग प्रबंधन के तहत ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने और साझा परिवहन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
बैठक में व्यापक क्षेत्रीय स्थिति और पाकिस्तान के सुरक्षा माहौल, आर्थिक दृष्टिकोण व खाद्य सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभावों की भी समीक्षा की गई. इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और राहत देने के प्रयासों पर जोर दिया.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, बैठक में ईंधन बचत के लिए सरकारी उपायों का क्रियान्वयन, भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के सुझाव और वर्तमान भंडार पर चर्चा की गई. बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री के ईंधन बचत उपायों और सख्ती अभियान के कार्यान्वयन की प्रगति पर खुफिया ब्यूरो की एक ऑडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई.