दिल्ली में लाल किला के बाहर कार में ब्लास्ट आतंकी हमला था? NIA को सौंपी गई जांच; अबतक क्या-क्या हुआ?



दिल्ली के लाल किले के पास 10 नंवबर को कार में हुए ब्लास्ट की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है. यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने दी. कार में हुए इस पूरे घटनाक्रम की शक की सुई आतंकी हमले की ओर इशारा कर रही है. इस घटनाक्रम में अबतक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. 

अब तक का महत्वपूर्ण सुराग यह है कि कार कश्मीर के एक डॉक्टर की थी, जो कथित तौर पर कुछ दिन पहले दिल्ली के पड़ोसी शहर फरीदाबाद में पकड़े गए एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है.

UAPA के तहत केस दर्ज

इस पूरे घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकधाम अधिनियम यानि (UAPA)के तहत केस दर्ज किया है. इस कानून का उपयोग आमतौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों में किया जाता है. 

पीएम मोदी ने इस घटना पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से वादा किया है कि विस्फोट के पीछे जो भी षडयंत्रकारी ताकत शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. पीएम मोदी ने यह संदेश भूटान से दिया है. 

पुलवामा से जुड़े ब्लास्ट के तार

अबतक हुई जांच में पाया गया कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले डॉ. उमर उन नबी नाम के एक डॉक्टर फरीदाबाद में गिरफ्तार किए जम्मू कश्मीर के दो अन्य डॉक्टर के संपर्क में था. उमर पुलवामा का रहने वाला था. फरीदाबाद मॉड्यूल का खुलासा  होने के बाद गिरफ्तार डॉ. मुज़म्मिल शकील भी पुलवामा का रहने वाला था. फरीदाबाद को लेकर हुई गिरफ्तारी के बाद से उमर लापता है. फरीदाबाद में हुई छापेमारी में भारी विस्फोटक बरामद किए गया है. 

क्या उमर चला रहा था कार?

दिल्ली में जिस i20 कार में विस्फोट हुआ है, उसे शायद उमर उन नबी चला रहा था. ये जानकारी अधिकारियों ने नाम छापने की शर्त पर मीडिया में दी है. कार में विस्फोट सिग्नल के पास हुआ है, इस दौरान कार की स्पीड बेहद धीमी बताई जा रही है. अधिकारी की मानें तो उमर उन नबी ने अपने दोस्तों की गिरफ्तारी के बाद विस्फोट को अंजाम दिया होगा, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. हादसे के बाद से उमर लापता बताया जा रहा है. यही वजह है कि शुरुआती जांच में आत्मघाती हमले के एंगल को हवा मिली है. 

उमर की मां का होगा DNA टेस्ट

ब्लास्ट के बाद से हर एंगल की सतही पड़ताल की जा रही है. उमर के परिवार के सदस्यों में उसकी मां को भी जांच के लिए बुलाया गया है. उनका डीएनए टेस्ट लिया जाएगा. इससे यह पुष्टि हो सके कि उमर मृतकों में तो शामिल है या नहीं. अबतक सभी शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है. अधिकारी मान रहे हैं, कि शुरुआती जांच में उमर कार चला रहा था, संभवत: उसकी मौत हो चुकी है. शवगृह में डॉक्टर्स से इसकी पूछताछ की जा रही है. 

पुलिस ने दी ये जानकारी

 इस पूरे हादसे में पुलिस ने बताया, कार के मालिक का पता लगाने के दौरान फरीदाबाद कनेक्शन का पता चला है. अधिकारियों का कहना है, उमर तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. कार सलमान नाम के शख्स के नाम पर रजिस्टर है. इसने यह कार देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति को बेच दिया था. दोनों को हिरासत में लिया गया है. देवेंद्र ने बताया कि इस कार को तारिक नाम के एक व्यक्ति को बेच दिया था. इधर, जांच अधिकारियों का कहना है कि जब हम तारिक की तलाश कर रहे थे, तो हमें पता चला कि कार आखिरी बार उमर के पास थी.

दिल्ली ब्लास्ट का फरीदाबाद लिंक कैसे मिला?

दरअसल, पुलिस ने डॉ. उमर उन नबी की पहचान फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगां गांवों से लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ की बरामदगी से जुड़े प्रमुख गुर्गो में से एक के तौर पर की थी. उमर ने फरीदाबाद के एक किराए के कमरे से विस्फोटक सामाग्री लाकर दिल्ली में इस्तेमाल की थी. 

उमर पिछले तीन सालों से फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में बतौर डॉक्टर काम कर रहा था. ये वही संस्थान है, जहां फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील भी काम करता था. इसके अलावा इसी मामले में गिरफ्तार एक अन्य डॉक्टर जम्मू कश्मीर के अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज के पूर्व सीनियर रेजिडेंट अदील अहमद ने लाला किला ऑपरेशन की योजना बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी. पुलिस उनसे जुड़े सुराग का पता लगाने के लिए सीसीटीवी खंगाल रही है, जिससे ये पता लग सके कि क्या वे अमोनियम नाइट्रेट प्लांट करने के लिए एक साथ दिल्ली गए थे. 

इधर, फरीदाबाद के साहयक पुलिस आयुक्त वरुण दहिया की मानें तो, “ये नेटवर्क बहुत बड़ा है. इसकी गहन जांच चल रही है. पुलिस पता लगा रही है कि डॉ. उमर उन नबी फरीदाबाद में कितने समय से काम कर रहा था. किन लोगों से वो जुड़ा हुआ था.”

इनके अलावा जांचकर्ताओं ने बताया, कि उमर और शकील ने धौज में ₹1,200 और ₹1,400 के हिसाब से दो मकान किराए पर लिए थे. दोनों ने दो-दो महीने की सिक्योरिटी डिपोजिट भी जमा किया था. दोनों मिलकर ही विस्फोटक प्रदार्थ को जमा करते थे. 

क्या गलती से हुआ विस्फोट?

इनके अलावा जांचकर्ता पता लगाने में जुटे हैं कि क्या लाल किले में विस्फोट कार में लगे किसी उपकरण से हुआ था, जो गलती से फट गया. जिस तीव्रता से ये विस्फोट हुआ है, उसमें उच्च इंटेंसिटी वाले विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ है. अबतक जम्मू कश्मीर पुलिस ने छापेमारी में उमर उन नबी के तीन परिजनों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. पिछले पांच दिनों से जम्मू कश्मीर पुलिस ने दर्जनों घरों में छापेमारी की है. 



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