द वॉशिंगटन पोस्ट में हुई छंटनी, दिल्ली ब्यूरो चीफ को भी निकाला, पूर्व संपादक ने बताया इतिहास का सबसे काला दिन


दुनिया के प्रमुख मीडिया संगठनों में एक द वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार (4 फरवरी 2026) को बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा की है. जेफ बेजोस के इस संस्थान ने अपने मौजूदा स्पोर्ट्स डेस्क को बंद करने का निर्णय लिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में भी कटौती की. इस छंटनी से कंपनी के एक तिहाई कर्मचारी प्रभावित हुए.

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में द वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा, ‘आज हम अपने भविष्य के लिए कई निर्णायक कदम उठा रहे हैं. विशिष्ट पत्रकारिता और अपनी स्थिति को और बेहतर करने के लिए हमने ये निर्णय लिया है. इससे हमारे संस्थान को अलग पहचान मिलेगी और हमारे यूजर्स को आकर्षित करेगी.’

छंटनी पर भड़के रिटायर एग्जीक्यूटिव एडिटर

द रैप से बात करते हुए वॉशिंगटन पोस्ट की रिटायर एग्जीक्यूटिव एडिटर मैरी बैरन ने कहा, ‘यह निर्णय इस संस्थान के लिए इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है. इससे द वॉशिंगटन पोस्ट का लक्ष्य बुरी तरह प्रभावित होगा. इससे प्रतिभाशाली और साहसी कर्मचारियों की संख्या और कम हो जाएगी. दुनियाभर में लोग हमारी जमीनी रिपोर्टिंग से वंचित रह जाएंगे, जिसकी जरूरत आज पहले से कहीं अधिक है.’

द वॉशिंगटन पोस्ट के कर्मचारियों ने पिछले हफ्ते ही जेफ बेजोस से संभावित छंटनी पर पुनर्विचार करने की अपील की थी. वॉशिंगटन पोस्ट गिल्ड ने कर्मचारियों की और छंटनी का विरोध किया और कहा कि इससे अखबार कमजोर होगा. गिल्ड ने कहा, ‘संस्थान के इस कदम से पाठक दूर होंगे और सत्ता को जवाबदेह ठहराने के मिशन को नुकसान पहुंचेगा.’

नई दिल्ली ब्यूरो चीफ को भी नौकरी से निकाला गया

द वॉशिंगटन पोस्ट के नई दिल्ली ब्यूरो चीफ प्रांशु वर्मा भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मुझे द वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है. मेरे कई टैलेंटेड दोस्त भी चले गए हैं, यह जानकर बहुत बुरा लग रहा है. पिछले चार सालों तक यहां काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी. अखबार के नई दिल्ली ब्यूरो चीफ के तौर पर काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी.’

इंटरनेशनल कवर करने वाले कर्मचारियों को निकाला

द वॉशिंगटन पोस्ट के ग्लोबल अफेयर्स कॉलमनिस्ट ईशान थरूर को भी नौकरी से निकाला गया. उन्होंने कहा, ‘आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है. साथ ही ज्यादातर इंटरनेशनल स्टाफ और मेरे कई दूसरे शानदार साथियों को भी नौकरी से निकाला गया. मैं अपने न्यूज रूम और खासकर उन बेहतरीन पत्रकारों के लिए बहुत दुखी हूं, जिन्होंने द वॉशिंगटन पोस्ट पोस्ट के लिए इंटरनेशनल लेवल पर काम किया. एडिटर और रिपोर्टर जो लगभग 12 सालों से मेरे दोस्त और साथ काम करने वाले रहे हैं. उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी.’

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