पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने शुक्रवार (26 सितंबर, 2025) को पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है. बिसारिया ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही पाकिस्तान से काफी नाराज होने वाले हैं और वह जल्द ही अपनी भड़ास सोशल मीडिया के जरिए जाहिर करेंगे. उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस वक्त दोनों देशों के रिश्ते में जो गर्मजोशी दिखाई दे रही है, वह ज्यादा दिन तक टिकने वाली नहीं है.
पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा कि पाकिस्तान अपनी पहुंच को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना चाहता है और वह चीन की शह पर अमेरिका से अपनी नजदीकियों को बढ़ा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान का असली मुख्य साझेदार तो चीन ही है और यह बात ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जंग के मैदान में बीजिंग और इस्लामाबाद की मिलीभगत से साफ हो गई थी.
पाकिस्तान का असली गॉडफादर ‘चीन’– बिसारिया
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बिसारिया ने जोर देते हुए कहा, ‘चीन पाकिस्तान का सबसे प्रमुख गॉड फादर है. भले ही पाकिस्तान अभी चीन और अमेरिका के साथ अपनी जटिल रिश्तों को संभाल पा रहा है, लेकिन लंबे समय तक इस संतुलन को बनाए रखना उसके लिए बेहद मुश्किल साबित होगा.’
उन्होंने चेतावनी दी कि अभी पाकिस्तान इन सभी लेनदेन को पूरी करने की कोशिश में जुटा हुआ है, लेकिन एक हद के बाद वह चीन और अमेरिका के हितों के बीच अपना संतुलन नहीं बना पाएगा.
पाकिस्तान अमेरिका के मन में अपने लिए जगा रहा भरोसा- बिसारिया
बिसारिया ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान की अमेरिका से नजदीकी ट्रंप प्रशासन की लेन-देन करने वाली सोच का हिस्सा है. पाकिस्तान की विदेश नीति कश्मीर में अपनी करतूतों को दोहराने के अलावा अब तीन गॉडफादर- अमेरिका, चीन और सऊदी अरब- के बीच अपनी प्रसांगिकता बनाए रखने पर केंद्रित है.
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान इस संतुलन को सफलता के अलग-अलग रूपों में और अलग-अलग स्तर के साथ साधने की कोशिश करता है, लेकिन इसमें उसका सबसे प्रमुख सहयोगी चीन ही है. हाल ही में पाकिस्तान अमेरिका को यह भरोसा दिलाने में सफल हो चुका है कि वह अभी भी उसके किसी काम का हो सकता है.’
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