न्यूक्लियर मिसाइल में फ्यूल की जगह भर दिया पानी… चीन में करप्शन का हैरान कर देने वाला मामला


चीन अपने नियम-कानूनों की सख्ती के लिए दुनियाभर में जाना जाता है लेकिन पश्चिमी चीन से करप्शन का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने चीनी आर्मी के टॉप जनरल को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. न्यूक्लियर मिसाइल में फ्यूल की जगह पानी भरे जाने क मामले ने भ्रष्टाचार को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया है. ये खुलासा अमेरिकी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के आधार पर हुआ है. 

यही कारण था कि 2024 में चीन ने अपने रॉकेट फोर्स की पूरी लीडरशिप को हटा दिया. झांग यूक्सिया चीन के टॉप मिलिट्री ऑफिसर और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सहयोगी थे. शी के बाद झांग चीन के मिलिट्री कमीशन में सबसे सीनियर थे, जो देश की सबसे बड़ी मिलिट्री कमांड बॉडी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक झांग को 19 जनवरी को चीन के न्यूक्लियर हथियारों का डेटा अमेरिका को लीक करने, रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया गया था.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रविवार को PLA डेली के एक आर्टिकल का हवाला देते हुए लिखा, “हमें भ्रष्ट तरीकों पर लगाम लगाने के लिए कड़े और ज़बरदस्त कदम उठाने होंगे, जो लड़ने की क्षमताओं को कमज़ोर करते हैं और उन दगाबाजों की पूरी तरह से जांच करके उन्हें खत्म करना होगा जो मिलिट्री खर्च में हेराफेरी करते हैं.”

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया
झांग की गिरफ्तारी जितनी भ्रष्टाचार से जुड़ी है, उतनी ही चीन की मिलिट्री तैयारी से भी जुड़ी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भ्रष्टाचार चीन की युद्ध की तैयारी को कमजोर करता है और यह कार्रवाई इसे ठीक करने के लिए की गई है, इससे पहले कि यह एक रणनीतिक कमजोरी बन जाए. ऐसी अफवाहें हैं कि झांग की जांच न्यूक्लियर सुरक्षा में हुई कमियों से जुड़ी है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में क्या कहा गया
ब्लूमबर्ग ने 2024 में अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया था कि भ्रष्टाचार का एक उदाहरण यह था कि पश्चिमी चीन के शिनजियांग मिसाइल फील्ड में साइलो के पूरे एरिया में ऐसे ढक्कन लगाए गए थे जो मिसाइलों को ठीक से लॉन्च होने से रोकते थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना में यह क्लीनिंग ऑपरेशन इक्विपमेंट की समस्याओं की वजह से हुआ. इसमें उदाहरण के तौर पर उन मिसाइलों का ज़िक्र किया गया जिनमें फ्यूल की जगह पानी भर दिया गया था.

द एशिया टाइम्स ने किया खारिज
द एशिया टाइम्स ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, “चीन अपने लिक्विड फ्यूल वाले रॉकेट में प्रोपेलेंट भरकर नहीं रखता है, मिसाइलें साइलो में खाली पड़ी रहती हैं क्योंकि उनमें फ्यूल स्टोर करने से अंदर के टैंक में जंग लग जाएगा.” जनवरी 2024 की द एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, “मिसाइलों में पानी डालने का कोई कारण नहीं होगा, जब तक कि यह जानबूझकर की गई साजिश न हो.”

जनरल झांग को हटाने का मामला ऐसे समय पर आया है जब चीन ताइवान के पास अभ्यास कर रहा है, जिसे वह वन चाइना पॉलिसी के तहत अपना क्षेत्र मानता है. चीन ने हाल ही में ताइवान मुद्दे पर जापान के खिलाफ भी आक्रामक रुख अपनाया है.

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