पश्चिम बंगाल चुनाव: शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ मैदान में उतारा उन्हीं का ‘चेला’, ममता बनर्जी ने चला बड़ा दांव


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 291 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में होंगे. बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव से ही ममता बनर्जी को उनके गढ़ में चुनौती देने की रणनीति अपनाई है, जिसमें पार्टी सफल भी रही है. टीएमसी ने भी बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ इस बार वहीं रणनीति बनाई है. नंदीग्राम सीट से टीएमसी ने बीजेपी के पूर्व नेता और शुभेंदु अधिकारी के करीबी पबित्र कर को टिकट देकर सियासी हलचल तेज कर दी है.

 शुभेंदु अधिकारी के सामने शागिर्द की चुनौती

नंदीग्राम विधानसभा में पबित्र कर ने पिछले विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के लिए जमीनी स्तर पर काम किया था, जिसका नतीजा ये हुआ कि वहां से सीएम ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा. पबित्र कर ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को टीएमसी का दामन थाम लिया. टीएमसी ने कहा कि पबित्र कर ने बीजेपी की जनविरोधी नीतियों से नाराज होकर यह फैसला लिया है. पवित्र कर का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है. वह पहले भी तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रह चुके हैं. 

शुभेंदु अधिकारी की जीत में निभाई थी अहम जिम्मेदारी

पबित्र कर साल 2018 में बोयाल क्षेत्र के दो गांवों के प्रधान (मुखिया) थे और इलाके में एक मजबूत जनाधार रखते थे. हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी का रुख कर लिया था. उन्हें पिछले विधानसभा में इस क्षेत्र में बीजेपी को बढ़त दिलाने में अहम माना जाता है. साल 2021 के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर करीब 1,900 वोटों के मामूली अंतर से हराया था. इसके बाद 2023 में पबित्र कर की पत्नी ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर बोयाल क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों की प्रमुख का पद संभाला.

पबित्र कर का नंदीग्राम में मजबूत जनाधार

नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां दो ब्लॉक हैं, जिनमें से नंदीग्राम-2 ब्लॉक में बीजेपी की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है. पवित्र कर इसी ब्लॉक के निवासी हैं और इलाके में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. तृणमूल में रहते हुए भी पवित्र कर की क्षेत्र में अच्छी पकड़ और लोकप्रियता रही है. ऐसे में नंदीग्राम से उन्हें टिकट देना स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. इस सीट पर एक बार फिर बीजेपी और टीमएसी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.

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