भारत के खिलाफ झंडा उठाए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने बड़ा कदम उठाया है. यूनुस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सीडीएफ आसिम मुनीर के साथ मिलकर 14 साल से बंद डायरेक्ट फ्लाइट सर्विस को फिर से शुरू करने का फैसला किया है. ढाका की राष्ट्रीय एयरलाइन ने गुरुवार को घोषणा की कि बांग्लादेश और पाकिस्तान एक दशक से अधिक समय के बाद सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने जा रहे हैं.
पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस 29 जनवरी को ढाका-कराची के बीच अपनी पहली उड़ान शुरू करने वाली है और यह उड़ान सप्ताह में दो बार संचालित होगी, जो 2012 के बाद पहली नियमित उड़ानें होंगी.
बांग्लादेश एयरलाइन ने किया ऐलान
एयरलाइन के मैनेजर बोसरा इस्लाम ने गुरुवार को एएफपी को बताया, ‘हम ढाका-कराची मार्ग को सप्ताह में दो उड़ानों के साथ फिर से शुरू कर रहे हैं.’
बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस ने एक बयान में कहा, ‘सीधी उड़ानों की बहाली से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच संपर्क में काफी सुधार होगा, जिससे व्यावसायिक यात्रा, पर्यटन और पारिवारिक पुनर्मिलन को बढ़ावा मिलेगा.’
अब तक कैसे पहुंचते थे ढाका से कराची?
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को वर्तमान में दुबई और दोहा जैसे खाड़ी देशों के प्रमुख हवाई अड्डों के माध्यम से कनेक्टिंग फ्लाइट का उपयोग करना पड़ता है. इसके अलावा नवंबर 2024 में कराची से बांग्लादेश के प्रमुख बंदरगाह चटगांव के लिए मालवाहक जहाजों का आवागमन फिर से शुरू हो गया था.
शेख हसीना के समय अस्थिर थे पाक-बांग्लादेश के रिश्ते
पिछले महीने, बांग्लादेश में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के साथ एक बैठक के दौरान आशा व्यक्त की थी कि कराची और ढाका के बीच सीधी उड़ानें जनवरी में शुरू हो जाएंगी. बता दें कि शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्ते हमेशा अस्थिर ही रहे. हालांकि तख्तापलट के बाद दोनों देशों के बीच दोस्ती इतनी बढ़ गई कि जिस देश ने आजादी दिलाई, उस देश को ही बांग्लादेश के नेता अब नकार रहे हैं.
इशाक डार ने की थी यूनुस से मुलाकात
हाल ही में पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज़ सादिक देश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ढाका गए थे. अगस्त 2025 में, उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी ढाका का दौरा किया था और यूनुस से मुलाकात की थी.