‘पाकिस्तान का इतिहास-भूगोल बदल जाएगा’, सर क्रीक पर राजनाथ सिंह के बयान से घबराए आसिम मुनीर; PAK नेवी को दिया ये आदेश



देश के रक्षा मंत्री राजनाथ ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कराची का रास्ता सर क्रीक होकर गुजरता है. इस बयान के बाद पाकिस्तानी नौसेना में हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में पाकिस्तानी नौसेना ने कराची बंदरगाह से सटे अरब सागर में मिसाइल फायरिंग ड्रिल को लेकर नोटिस जारी कर दिया है.

पाकिस्तानी नौसेना ने नोटमैर (नोटिस टू मैरीनर) जारी कर 9-10 अक्टूबर को कराची से सटे अरब सागर में मिसाइल और गनरी (तोप) की फायरिंग को लेकर जानकारी साझा की है. पाकिस्तानी नौसेना का ये नोटमैर राजनाथ सिंह के बयान के दो दिन बाद आया है. विजयदशमी (2 अक्टूबर) के अवसर पर राजनाथ सिंह ने गुजरात के सर क्रीक इलाके में पहुंचकर पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर इस इलाके में कोई मिस-एडवेंचर करने की कोशिश की तो पाकिस्तान का इतिहास-भूगोल बदल जाएगा.

पाकिस्तान की नीयत में खोट

रक्षा मंत्री ने कहा था कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर (पाकिस्तान की ओर) एक विवाद खड़ा किया जाता है. भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है, उसकी नीयत साफ नहीं है. जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बढाया है, वह उसकी नीयत बताता है.”

राजनाथ सिंह ने कहा, ”भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) मिलकर मुस्तैदी से कर रही है. अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत की गई तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा.” रक्षा मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है.”

भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की, जबकि भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज कर दिया और दुनिया को यह संदेश दे दिया की भारत की सेनाएं जब चाहें, जहां चाहें और जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं.”

ऑपरेशन सिंदूर (6-10 मई) के दौरान, भारतीय नौसेना की कराची पोर्ट पर संभावित हमले से डर कर पाकिस्तान ने तुर्किए से मदद मांगी थी. तुर्किए की नौसेना ने पाकिस्तान की मदद के लिए अपना एक जंगी जहाज कराची बंदरगाह पर तैनात किया था.

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