पाकिस्तान के इस ताकतवर मुस्लिम दोस्त ने मार गिराया अमेरिका का F-16, ट्रंप तो ट्रंप पूरी दुनिया को लगा शॉक



तुर्किए ने अपनी ड्रोन तकनीक को बड़ी सफलता बताते हुए दावा किया है कि उसके कॉम्बैट ड्रोन बायराक्टर किजिलेल्मा ने एक सिम्युलेटेड टेस्ट में अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक लॉक कर वर्चुअली मार गिराया. यह ट्रायल हाई-एल्टीट्यूड एयर कॉम्बैट सिम्युलेशन के तहत किया गया, जिसमें दोनों पक्षों की क्षमताओं का परीक्षण किया गया. इस सफलता को तुर्किए सरकार और रक्षा उद्योग के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है.

कैंपेटिबिलिटी टेस्ट में दिखाई किजिलेल्मा की ताकत
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह परीक्षण तुर्किए वायुसेना के F-16 विमानों के साथ किया गया, जिसमें किजिलेल्मा के रडार, डेटा सिस्टम और मिसाइल इंटरफेस की तैयारी परखने का उद्देश्य था. सिमुलेशन में ड्रोन ने F-16 को लगभग 30 मील की दूरी पर लॉक किया और वर्चुअल ‘डायरेक्ट हिट’ हासिल किया, जिसे तुर्किए आधुनिक हवाई लड़ाई के लिए सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में प्रस्तुत कर रहा है.

क्या प्रदर्शन से संतुष्ट है तुर्किए?
परीक्षण के दौरान ड्रोन ने तुर्किए के कोर्लू स्थित AKINCI टेस्ट सेंटर से उड़ान भरकर लगभग 1 घंटा 45 मिनट की उड़ान पूरी की. इसके साथ ही किजिलेल्मा के कुल परीक्षण घंटे 55 घंटे से अधिक हो गए. इसके साथ दो F-16 विमानों को भी रडार वैलिडेशन के लिए शामिल किया गया.

AESA रडार और डेटा लिंक टेक्नॉलजी रही परीक्षण का मुख्य हिस्सा
टेस्ट का मुख्य केंद्र रहा मुराद AESA रडार, जिसे तुर्किए की ASELSAN ने विकसित किया है. इस रडार ने उड़ान के दौरान लंबे रेंज पर लक्ष्य की पहचान की और उसे ट्रैक करते हुए लॉक किया. ड्रोन ने इसके बाद गोकडोगन BVR मिसाइल का इलेक्ट्रॉनिक लॉन्च सिमुलेशन किया और रीयल टाइम डेटा लिंक के माध्यम से लक्ष्य की स्थिति और गति की जानकारी भेजी, जिसके बाद F-16 को वर्चुअली न्यूट्रलाइज दिखाया गया.

इस ड्रोन में क्या है खास?
किजिलेल्मा पारंपरिक ड्रोन के मुकाबले एडवांस तकनीक लिए हुए है, जिसमें कम दिखाई देने वाला स्टील्थ डिजाइन, AI आधारित ऑटोनॉमी और सुपरक्रूज क्षमता शामिल है. तुर्किए का कहना है कि यह दुश्मन के एयरस्पेस में घुसकर उच्च-मूल्य वाले हवाई लक्ष्यों जैसे लड़ाकू विमान और AWACS पर हमला करने में सक्षम है. भविष्य में इसमें अतिरिक्त पेलोड जोड़कर इसका स्ट्राइक रेडियस 1,000 किमी तक बढ़ाने की भी योजना है.

F-35 से बेहतर प्रदर्शन का भी दावा
किजिलेल्मा के निर्माता बायरकतर पहले भी यह दावा कर चुके हैं कि यह ड्रोन अमेरिकी F-35 जैसे विमानों से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. कंपनी यह भी कह चुकी है कि भविष्य में इसका सुपरसोनिक संस्करण तैयार किया जाएगा, जिससे यह पारंपरिक लड़ाकू विमानों के सामने भी सीधे मुकाबले में उतर सकेगा.





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