पाकिस्तान में शनिवार (21 मार्च) को ईद की नमाज के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर बिलाल आरिफ सराफी की उसके परिवार वालों ने चाकू और गोली मारकर हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि यह घटना मुरीदके अंतर्गत एक मरकज के पास लश्कर-ए-तैबा के ध्वस्त मुख्यालय के नजदीक हुई है.
NDTV की खबर के मुताबिक हत्या के पीछे का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन खुफिया सूत्रों को पारिवारिक विवाद का संदेह है. सूत्रों ने बताया कि हत्या में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें आतंकी बिलाल जमीन पर बेजान पड़ा दिख रहा है. हालांकि इनकी प्रामाणिकता की पुष्टि होना बाकी है.
युवाओं की पहचान कर उन्हें बरगलाता था बिलाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिलाल लश्कर-ए-तैयबा के मुरीदके सेंटर में भर्ती का मुख्य जिम्मेदार था. वो युवाओं की पहचान कर उन्हें बरगलाकर जिहादी एजेंडे का प्रचार करता था. बताया जाता है कि बिलाल का काम लोगों को वैचारिक प्रशिक्षण देकर उनका ब्रेनवॉश करना था, हालांकि भारत में बिलाल की कोई तलाश नहीं थी.
पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों का उल्टा असर
दशकों तक आतंकी नेटवर्कों को अपनी विदेश नीति का हथियार बनाकर बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब खुद ही अपने जाल में फंस गया है. वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (जीटीआई) 2026 में पहली बार पाकिस्तान पहले स्थान पर है और 2025 में दुनिया का सबसे ज़्यादा आतंक प्रभावित देश बन गया है. यहां 1,139 मौतें, 1,045 हमले, 1595 लोग घायल और 655 बंधकों के मामले सामने आए हैं.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सबसे अधिक आतंकी घटनाएं हुईं. जिनमें 74 प्रतिशत हमले और 67 प्रतिशत मौतें दर्ज की गईं हैं. सबसे प्रमुख आतंकी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान है, जिसने 2025 में 595 हमले किए और 637 लोगों की मौतों के लिए जिम्मेदार था. ये देश में आतंकवाद से हुई कुल मौतों का 56 प्रतिशत है.
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