पाकिस्तान में लॉकडाउन के बीच सड़कों पर फूट रहा गुस्सा, कराची से पेशावर तक उग्र प्रदर्शन, बुरे फंसे शहबाज


पाकिस्तान में पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. यहां लॉकडाउन के बीच सड़कों पर वहां की आवाम उतर आई है. इसके अलावा कराची से पेशावर तक उग्र प्रदर्शन देखने मिला है. पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. यहां कराची, हैदराबाद, सुक्कुर और जैकोबाबाद जैसे शहरों में नागरिक और राजनीतिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं. इसके अलावा ईंधन की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई का विरोध हो रहा है. 

कफन ओढ़कर सांकेतिक भूख हड़ताल

डॉन के मुताबिक, सुक्कुर में सिंध यूनाइटेड पार्टी (SUP) ने प्रेस क्लब के बाहर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है. इसमें शामिल लोगों ने कफन ओढ़कर सांकेतिक भूख हड़ताल की है.  समर्थकों को संबोधित करते हुए एसयूपी के नेता ऐदान जागीरानी ने पेट्रोल की कीमतों में 80 PKR कटौती की आलोचना की है. इसमें उन्होंने इसे भ्रामक कटौती करार दिया है. इसके अलावा हाल ही के हफ्तों में पेट्रोल की कीमतों में 137 पीकेआर प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है. इसमें उन्होंने कहा है कि महंगाई पूरी तरह से बेकाबू हो गई है. इससे आम नागरिकों के लिए जरूरी चीजें खरीदना मुश्किल होता जा रहा है. 

तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे

जहां एसयूपी ने विरोध प्रदर्शन किया है, उसी जगह पर गोहर खान खोसो की लीडरशिप में पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया है. खोसो ने कहा है कि ईंधनी की कीमतें बढ़कर 378 पीकेआर प्रति लीटर हो गई है. इसमें आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर हुआ है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत राहत और टैक्स में कटौती नहीं की गई तो ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल सकता है. इसके अलावा अवामी तहरीक ने तीर चौक से घंटा घर तक बड़ी रौली निकाली, साथ ही धरना प्रदर्शन किया. नेताओं नूर अहमद कटियार और सरवन जतोई ने सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि वैश्विक तनाव को बहाना बनाकर ईंधन की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा दिया गया है. यह लगातार जारी है. 

पीटीआई नेता इकबाल अफरीदी साइकिल से संसद पहुंचे

इसके अलावा पीटीआई के एमएनए इकबाल अफरीदी साइकिल से संसद पहुंचे. यहां महंगा पेट्रोल और अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. उन्होंने हाल ही में दी गई सब्सिडी को महज दिखावटी कदम बताया है. साथ ही कहा है कि इसका मकसद लोगों के गुस्से को शांत करना है. डॉन की रिपोर्ट की मानें तो कराची में नेशनल ट्रेड यूनियन फेडरेशन और होम बेस्ड वीमेन वर्कर्स फेडरेशन सहित कई मजदूर संगठनों ने मिलकर एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया है. 

प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और इंटरेशनल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट से जुड़ी व्यापक आर्थिक नितियों की कड़ी निंदा की है. मजदूर नेताओं ने पेट्रोलियम टैक्स को हटाने, मजदूरी बढ़ाने और विदेशी कर्ज की भुगतान पर रोक लगाने की मांग की है. इसके अलावा जैकबाबाद में आम इंसान तहरीक की तरफ से आयोजित साइकिल रैली ने इस बात को उजागर किया है कि नागरिक अब ट्रांसपोर्ट का खर्च उठाने में असमर्थ हैं. साथ ही अपील की है कि सरकार अपने खर्च कम करे और जनता पर बोझ डालना बंद करे. 

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