अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जोकि धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है. ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. उन्होंने गुस्से में कहा है कि पागलो, होर्मुज स्ट्रेट को खोल दो नहीं तो नरक में जाओगे.
ट्रंप ने सोशल ट्रुथ पर पोस्ट कर कहा, ‘मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और पुल दिवस एक साथ मनाया जाएगा. ऐसा पहले कभी नहीं होगा!!! पागलो तुम होर्मुज स्ट्रेट को खोल तो वरना नरक में जाओगे – देखते रहिए! अल्लाह से प्रार्थना करो.’
ईरान पर कहर बनकर टूटेगा अमेरिका: ट्रंप
ट्रंप ने 4 अप्रैल की रात में भी ईरान को याद दिलाया था कि मैंने उसे समझौता करने या होर्मुज को खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था. उन्होंने कहा, ‘समय तेजी से बीत रहा है. 48 घंटे के बाद अमेरिका उन पर कहर बनकर टूट पड़ेगा.’
ईरान को दिया था 10 दिन का समय: डोनाल्ड ट्रंप
यूएस प्रेसिडेंट ने पहले कहा था कि ईरान ने अपने पावर प्लांट पर 7 दिन हमला नहीं करने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने इस समय सीमा को बढ़ाकर 10 दिन करने का फैसला किया, जो 6 अप्रैल को खत्म हो रही है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि तेहरान के अधिकारियों ने उनके प्रशासन से संपर्क किया था और कूटनीतिक बातचीत के तहत और समय देने की मांग की थी. ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने मेरे लोगों के जरिए मुझसे बहुत ही विनम्रता से पूछा कि क्या हमें थोड़ा और समय मिल सकता है? अगर वे मेरी बात नहीं मानेंगे तो मैं उनके पावर प्लांट तबाह कर दूंगा.’
ट्रंप ने नाटो को बता दिया था कागजी शेर
ट्रंप ने होर्मुज खुलवाने के लिए नाटो देशों और चीन से भी कहा था कि उन्हें भी होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने में अमेरिका की मदद करनी चाहिए. हालांकि जब सब देशों ने उनकी मदद करने से इनकार कर दिया तो भड़के ट्रंप ने नाटो को ‘कागजी शेर’ बताते हुए कहा था कि अमेरिका के बिना वो कुछ भी नहीं है. इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अमेरिका को इस रास्ते से तेल की जरूरत नहीं है और जो देश इस पर निर्भर है, वही इसकी जिम्मेदारी उठाएं.
ईरान ने होर्मुज को कर दिया बंद
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी कर दी है. उसने कहा है कि इस जलमार्ग से सिर्फ ईरान के मित्र देशों के जहाज ही गुजरेंगे. अमेरिका-इजरायल और उनके मित्र देशों के लिए होर्मुज पूरी तरह बंद है. ईरान के इस कदम से एशिया और यूरोप में हंगामा मचा दिया है. पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में तेल का संकट पैदा हो गया है.