ईरान की धरती से अमेरिकी सेना ने अपने पायलट को सुरक्षित वापस निकाल लिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही दावा किया हो कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी की जान नहीं गई, लेकिन ईरान के दावे कुछ और ही बयां कर रहे हैं. ये दावा किया जा रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के बाद अमेरिकी सेना को अपने ही विमान तबाह करने पड़े. ईरान का कहना है कि अमेरिकी पायलट को बचाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 5 लोग मारे गए और दुश्मन के कई विमान नष्ट किए गए.
US का दावा, खुद तबाह किए अपने विमान
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुतबिक अमेरिकी अधिकारी ने बताया, ‘इस ऑपरेशन में दुश्मन की सीमाओं में सीक्रेट घुसपैठ और बाहर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो MC-130J एयरक्राफ्ट शामिल थे. मिशन के दौरान विमान फंस गए थे.’ हालांकि यह कैसे हुआ, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. अधिकारी ने कहा कि दोनों विमानों को इसलिए नष्ट करना पड़ा ताकि वे ईरान के हाथ न लग जाएं.
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने उड़ाया अमेरिका का मजाक
अमेरिका का मजाक उड़ाते हुए ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबफ ने तबाह हुए विमानों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की. उन्होंने लिखा, ‘अगर संयुक्त राज्य अमेरिका को इस तरह की तीन और जीतें मिल गईं तो वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा.’ ईरानी सेना ने लापता अमेरिकी पायलट को ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. ईरान ने उसे पकड़ने में मदद करने वाली किसी भी जानकारी के लिए 60,000 डॉलर के इनाम की घोषणा की थी. हालांकि, अमेरिकी सेना ने अपने पायलट को सुरक्षित निकालकर सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया.
ईरान का दावा, अमेरिका के C-130 एयरक्राफ्ट को मार गिराया
IRGC के तहत संचालित खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी बताया कि ईरान ने दुश्मन के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 सपोर्ट विमान को मार गिराया गया, जिसमें 5 लोग मारे गए. ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिकी सेना के इतिहास में यह पहली बार है जब दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके में अलग-अलग बचाया गया है. हम कभी भी किसी अमेरिकी वॉरफाइटर को पीछे नहीं छोड़ेंगे. यह एक बार फिर साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर जबरदस्त एयर डॉमिनेंस और श्रेष्ठता हासिल कर ली है.’