पुणे: एयरफोर्स स्टेशन में 10वें आर्म्ड फोर्स वेटरन्स डे का आयोजन, पूर्व सैनिकों और शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि


महाराष्ट्र के पुणे स्थित एयर फोर्स स्टेशन में बुधवार (14 जनवरी, 2026) को 10वां आर्म्ड फोर्स वेटरन्स डे भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया. यह दिवस भारतीय सेना के प्रथम कमांडर-इन-चीफ दिवंगत फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा की स्मृति को समर्पित है, जो 14 जनवरी, 1953 को सेवानिवृत्त हुए थे. एयरफोर्स स्टेशन, पुणे में आयोजित कार्यक्रम में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के करीब 5,000 पूर्व सैनिक, सेवारत जवान और उनके परिजन शामिल हुए.

कार्यक्रम की शुरुआत देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. पुष्पांजलि अर्पण के दौरान माहौल भावुक और गर्व से भरा रहा, जहां उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों को नमन किया.

महाराष्ट्र के मंत्री समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस मौके पर महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उनके साथ कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिनमें दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट वाइस एडमिरल अनिल जग्गी, दक्षिण पश्चिम वायु कमान के सीनियर ऑफिसर-इन-चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन एयर वाइस मार्शल गुरजोत सिंह भुल्लर और एयर फोर्स स्टेशन पुणे के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर सतबीर सिंह राय प्रमुख रूप से मौजूद रहे.

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मंत्री ने दिया संबोधन

मुख्य अतिथि चंद्रकांत पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व सैनिकों का अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है. उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. इनमें पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिकायत निवारण, वित्तीय सहायता और एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) जैसी योजनाएं शामिल रहीं.

पूर्व सैनिकों ने मौके पर बताई अपनी समस्याएं, दिए सुझाव

वेटरन्स डे के तहत आयोजित संवाद सत्रों में पूर्व सैनिकों को अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला. इस दौरान डायरेक्टोरेट ऑफ एयर वेटरन्स, प्रिंसिपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स और जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों ने योजनाओं से जुड़ी जानकारियां साझा कीं.

त्रि-सेवा के माध्यम से दिया जा रहा विशेष सहयोग- जनरल धीरज सेठ

दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने बताया कि त्रि-सेवा के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं, दस्तावेजी सहायता, शिकायतों के त्वरित समाधान, ECHS आउटरीच, जीवन प्रमाण पत्र नवीनीकरण और विधवाओं और वरिष्ठ पूर्व सैनिकों को विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है. कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि देश की सेवा कर चुके हर सैनिक और उसके परिवार को सम्मान, सहयोग और समय पर सहायता मिलती रहेगी.



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