ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर माफी मांगी, जिसके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस-इजरायल और मिडिल ईस्ट देशों की जीत बताया. उन्होंने ईरान को ‘मिडिल ईस्ट का हारा हुआ देश’ करार दिया, जिसके बाद तेहरान की ओर से सख्त टिप्पणी आई. पेजेशकियान के ऑफिस के प्रवक्ता ने कहा कि अगर मिडिल ईस्ट के देश ईरान पर अमेरिकी हमलों में सहयोग नहीं करते हैं, तो हम भी उन पर हमला नहीं करेंगे.
पेजेशकियान ने कहा कि हमारी आर्म्ड फोर्सेज को निर्देश दिया गया है कि पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें या मिसाइलें न दागें जब तक कि उन पर वहां से हमला न किया जाए. उन्होंने इन देशों को ‘भाई’ कहा और कहा, ‘हमारा पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है.’
पेजेशकियान ने किया था पोस्ट
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने X पर फारसी में यह भी लिखा, ‘इस्लामिक गणराज्य ईरान ने हमेशा अच्छे पड़ोसीपन और राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए पारस्परिक सम्मान के आधार पर क्षेत्र की सरकारों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के संरक्षण और निरंतरता पर जोर दिया है. यह संयुक्त राज्य अमेरिका और जायोनी शासन द्वारा सैन्य आक्रमण के खिलाफ खुद की रक्षा करने के ईरान के अंतर्निहित अधिकार को नकारता नहीं है.’
न्यायपालिका प्रमुख ने क्या कहा?
इसके अलावा ईरान के कट्टरपंथी न्यायपालिका प्रमुख ने बाद में अपने रुख पर जोर देते हुए कहा कि इस्लामी गणराज्य उन पड़ोसियों को निशाना बनाना जारी रखेगा जो उसके दुश्मनों को ‘ऐसे बिंदु प्रदान करते हैं जिनका इस्तेमाल हमारे देश के खिलाफ आक्रामकता में किया जाता है.’
अंतरिम नेतृत्व परिषद के सदस्य गुलामहुसैन मोहसेनी एजेई ने कहा, ‘ईरान के सशस्त्र बलों से मिले सबूत बताते हैं कि क्षेत्र के कुछ देशों की भौगोलिक स्थिति दुश्मन के खुले और गुप्त रूप से इस्तेमाल में है. इन टारगेट पर भारी हमले जारी रहेंगे.’
दुबई, दोहा और मनामा में हुए धमाके
इसके तुरंत बाद, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई, कतर के दोहा और बहरीन के मनामा में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. UAE,कतर समेत मिडिल ईस्ट देशों में अमेरिका के एयरबेस हैं, जिन्हें ईरान टारगेट कर रहा है.
ईरान कभी दबाव के आगे नहीं झुकेगा: राष्ट्रपति कार्यालय
पेजेशकियान के बाद उनके कार्यायल के डिप्टी चीफ ने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश स्पष्ट था. उन्होंने कहा, ‘ईरान कभी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों से किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देंगी.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
ट्रंप ने कुछ घंटे पहले दावा किया था कि ईरान हार गया है और उसने मिडिल ईस्ट के पड़ोसी देशों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. ये टिप्पणी ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान की ओर से शनिवार को तनाव कम करने के संकेत देने और मिडिल ईस्ट के पड़ोसी देशों से हमलों के लिए माफी मांगने के ठीक बाद आई.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए लगातार हमलों के कारण घुटने टेक दिए हैं. उन्होंने लिखा, ‘ईरान, जिसे बुरी तरह पीटा जा रहा है, उसने अपने मिडिल ईस्ट पड़ोसियों से माफी मांग ली है और आत्मसमर्पण कर दिया है. उसने वादा किया है कि वह अब उन पर गोलीबारी नहीं करेगा. यह वादा केवल अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण किया गया है.’
ट्रंप की धमकी- आज ईरान पर होगा बहुत बड़ा अटैक
उन्होंने दावा किया कि ईरान ‘मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने और शासन करने की कोशिश कर रहा है और हजारों वर्षों में यह पहली बार है जब ईरान हारा है.’ एक बार फिर धमकी देते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को शनिवार, 7 मार्च को ‘बहुत बुरी तरह से निशाना बनाया जाएगा और कहा कि ईरान के बुरे व्यवहार के कारण उन क्षेत्रों पर भी हमला किया जाएगा जो अब तक लक्ष्य नहीं थे.