मिडिल ईस्ट में जंग के बीच ईरान ने यूरोपीय देशों को बड़ा ऑफर दिया है. उसने कहा है कि वह उनके लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए तैयार है. ईरान का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बावजूद यूरोपीय देशों ने जंग में उनका साथ देने से साफ इनकार कर दिया है.
फ्रांस, इटली, स्पेन और ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों ने कहा है कि ये उनकी जंग नहीं और वे इसमें नहीं फंसेंगे. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर ने बुधवार (1 अप्रैल, 2026) को 35 देशों के साथ होर्मुज के मुद्दे पर 35 देशों के साथ बैठक करने की भी पेशकश की थी. ट्रंप ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाएजेशन (NATO) छोड़ने की धमकी देकर यूरोपीय देशों से जंग में अमेरिका का साथ देने को कहा था, जिससे इन देशों ने इनकार कर दिया है.
इराक ने भी तेल सप्लाई के लिए करार किया है, जिसके तहत इराक के तेल को भूमध्य सागर तक पहुंचाने में मदद सीरिया मदद करेगा. इसके अलावा भी मिडिल ईस्ट में बड़ी उथल-पुथल चल रही है, उनमें से बड़े अपडेट यहां हैं-
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि जिन देशों को ईरान के साथ अच्छे संबंध हैं, उन्हें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी यूरोपीय, एशियाई, या अरब देश के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने के लिए समझौता करने को तैयार है.
- ईरान ने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति दी हुई है. इसके अलावा, मलेशिया बांग्लादेश और थाइलैंड जैसे देशों को भी अनुमति दी गई है. इराक के तेल मंत्रालय ने कहा है कि वह
- सीरिया के साथ सहयोग कर रहे हैं, जो अपने क्षेत्र से तेल की मात्रा को निर्यात स्थलों तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित करेगा. इराक और सीरिया के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत सीरिया इराकी तेल को अपने क्षेत्र से भूमध्य सागर तक पहुंचाने में मदद करेगा. इस समझौते से इराक को अपने तेल निर्यात में वृद्धि करने में मदद मिलेगी, जो उसके राजस्व का मुख्य स्रोत है. इराक के तेल मंत्री इहब अल-जिबुरी ने कहा है कि यह समझौता इराक की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है.
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से गल्फ देशों ने वैकल्पिक रूट तलाशना शुरू कर दिया है. कतर के उत्पादों को सऊदी अरब के जेद्दा पोर्ट तक भूमि मार्ग से निर्यात के लिए भेजा जा रहा है, जो अफ्रीका और यूरोप के लिए एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है. यह कदम कतर और सऊदी अरब के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए उठाया गया है.
- जेद्दा पोर्ट सऊदी अरब का सबसे बड़ा बंदरगाह है और मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के बीच व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है. कतर के उत्पादों को जेद्दा पोर्ट से अफ्रीका और यूरोप के विभिन्न देशों में निर्यात किया जाएगा, जिससे कतर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
- ईरान के बाद अमेरिका को इराक में भी दिक्कत होने वाली हैं. इराक में शिया मिलिशिया और लोकल ग्रुप्स मिलकर अमेरिका के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं. अमेरिका ने अपने नागरिकों को इराक से निकलने की चेतावनी जारी की है.
- इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिका की सबसे बड़ी एंबेसी है. एंबेसी कॉम्प्लेक्स 104 एकड़ में फैला है. इसमें 300 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं और अमेरिकन मरीन के रहने की भी व्यवस्था है. अमेरिका का बगदाद में बड़ा बेस है जिस पर ईरान में रॉकेट हमले किए गए हैं. सिनेमाघरों जिम टेनिस कोट, सब सुविधाएं एंबसी के अंदर ही हैं लेकिन अब यहां अमेरिकी लोगों को रुकने में दिक्कत हो गई है. एंबेसी और अमेरिका के लोगों पर हमले किए जा हैं.
- ईरान के इस्फहान प्रांत के बहारेस्टन शहर में लगातार हवाई हमलों के बाद धुएं के गुबार उठते हुए दिखाई दे रहे हैं. हवाई हमलों के बाद आग की लपटें और धुएं के गुबार उठ रहे हैं. इजरायली सेना ने इस्फहान में एक मिसाइल बेस पर हमला किया है, जिसमें कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं. इस हमले में ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
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