बांग्लादेश में आम चुनावों से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बड़ा झटका लगा है. देश की पूर्व प्रधानमंत्री और BNP की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का मंगलवार (30 दिसंबर, 2025) की सुबह निधन हो गया है. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया और उनके परिवार, समर्थकों और बांग्लादेश के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
राहुल ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दुख जाहिर करते हुए एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन से दुखी हूं. सार्वजनिक जीवन में अपने लंबे करियर के दौरान, उन्होंने बांग्लादेश की राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके परिवार, समर्थकों और बांग्लादेश के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं.’
Saddened by the passing of former Prime Minister of Bangladesh, Begum Khaleda Zia. Over her long career in public life, she played a significant role in Bangladesh’s political journey.
My heartfelt condolences to her family, supporters, and the people of Bangladesh.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 30, 2025
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जताया शोक
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी खालिदा जिया के निधन पर शोक जताया. उन्होंने अपने X पोस्ट में लिखा, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, उन्होंने देश की राजनीतिक यात्रा को आकार देने में अहम भूमिका निभाई. उनके परिवार के लोगों और बांग्लादेश की जनता के प्रति मैं हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.’
Saddened by the passing of former Prime Minister of Bangladesh, Begum Khaleda Zia. Over her long career in public life, she played a significant role in Bangladesh’s political journey.
My heartfelt condolences to her family, supporters, and the people of Bangladesh.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 30, 2025
अस्पताल में हुई खालिदा जिया की मौत
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, खालिदा जिया का मंगलवार सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया. उन्होंने ढाका के एवरकेयर अस्पताल में आखिरी सांस ली, जहां पिछले एक महीने से ज्यादा समय से उनका इलाज चल रहा था. पार्टी के बयान में बताया गया कि फज्र की नमाज के तुरंत बाद उनका इंतकाल हुआ. खालिदा जिया के निधन की खबर सामने आते ही देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई.
दिल और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहीं थीं खालिदा जिया
बताया गया कि 23 नवंबर को दिल और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के चलते उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उनकी तबीयत में लगातार उतार-चढ़ाव आता रहा. बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आखिरी दिनों में वह निमोनिया से भी जूझ रही थीं और करीब 36 दिनों तक डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रहीं. इस दौरान उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी.
डॉक्टरों की टीम ने विदेश यात्रा न करने की दी थी सलाह
पिछले कुछ सालों से खालिदा जिया अपनी कई पुरानी बीमारियों से पीड़ित थीं. उनके इलाज के लिए एक विशेष मेडिकल टीम बनाई गई थी, जिसमें बांग्लादेश के साथ-साथ ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टर शामिल थे. इस महीने उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदेश ले जाने पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन डॉक्टरों की सलाह के बाद यह योजना रद्द कर दी गई. डॉक्टरों का कहना था कि उनकी हालत इतनी कमजोर थी कि वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की स्थिति में नहीं थीं.
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