कर्नाटक की जेल में कथित रूप से सीरियल रेपिस्ट और आतंकवादियों को वीवीआईपी (VVIP) ट्रीटमेंट दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी निंदा की है. कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार (10 नवंबर, 2025) को कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा इस्लामिक जिहादी आतंक के प्रति एक नरम और सॉफ्ट कॉर्नर अपनाया है, अब फिर उसी मानसिकता को दर्शा रही है.
शहजाद पूनावाला ने दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर, 2025) को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘एक तरफ आतंकवाद पर हमला किया जा रहा है, आम नागरिकों को उनके नापाक मंसूबों से बचाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ कर्नाटक में आतंकवादी के लिए फोन, पार्टी और जलसा के आयोजन हो रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जेल में ‘बिरयानी फॉर आतंकवादी’ चल रहा है.
JNU में टुकड़े-टुकड़े नारे लगाने वालों के साथ खड़े होते हैं राहुल गांधी- पूनावाला
यासीन मलिक के साथ मनमोहन सिंह की तस्वीर को दिखाते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आतंकवादियों के प्रति नरम दिल रही है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘कभी राहुल गांधी जेएनयू में टुकड़े-टुकड़े नारे लगाने वाले लोगों के साथ खड़े होते हैं. कभी याकूब मेमन के लिए कांग्रेस के मंत्री पैरवी करते हैं. कभी ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’ और हाफिज सईद को ‘हाफिज सईद साहब’ कहने का काम कांग्रेस करती है.’
शहजाद पूनावाला ने कहा कि यही दृश्य आपको दिखाते हैं कि कानून व्यवस्था के प्रति पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार की क्या सोच है और कांग्रेस के नेतृत्व में इंडी अलायंस की क्या सोच है.
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस सरकार को घेरा
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री और JDS के नेता एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु की परप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल में सीरियल रेपिस्ट और आतंकवादियों को मोबाइल फोन समेत अन्य VIP सुविधाओं पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, ‘यह शर्मनाक है कि जेल कर्मचारी विचाराधीन कैदियों और कुख्यात दोषियों को शाही सुविधा दे रहे हैं.’
सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘आतंकवादी सिर्फ जेल में ही नहीं हैं, बल्कि विधान सौध (कर्नाटक विधानसभा) में और भी खतरनाक आतंकवादी हैं. आप मुझसे बेहतर जानते हैं कि वे कौन हैं. राज्य के लोग इस पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं. परप्पना अग्रहारा में आतंकवादियों को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलना कोई नई बात नहीं है. पहले भी इसी मुद्दे पर दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों के बीच झड़प हो चुकी है. बाद में एक अन्य मामले में अदालतों ने खुद जेल कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी की थी, जो इस तरह की हरकतों में शामिल थे. फिर से, जेलों के अंदर वही घटनाएं दोहराई जा रही हैं.’
यह भी पढ़ेंः अमेरिका में 23 साल की भारतीय छात्रा की मौत, वापस लाने के लिए जुटाया गया फंड; परिवार ने क्या बताया?