भारत अब बन सकता है UNSC का स्थाई सदस्य! संयुक्त राष्ट्र चीफ ने की बदलाव की बात


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को एक बार फिर से सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार करने की पहल करने के लिए फिर से अपना समर्थन दिया है. उनके इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण और एक अतिआवश्यक बताया गया है. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र महासचिव का यह कदम भारत के लिए क्या महत्व रखता है, ये जानना महत्वपूर्ण है.

वर्तमान में भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य नहीं है. भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में अपनी स्थायी भागीदारी चाहता रहा है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यहां तक कह चुके हैं कि भारत अपने इस लक्ष्य को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देता है.

UNSC में सुधार को लेकर क्या बोले एंटोनियो गुटेरेस?

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में गुटेरेस ने कहा, ‘सुरक्षा परिषद में सुधार करना न सिर्फ महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अनिवार्य है. जो लोग आज इन विशेषाधिकारों से चिपके रहने की कोशिश करते हैं, उन्हें कल इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है. हम सभी को बदलाव करने के लिए पर्याप्त रूप से साहसी होना पड़ेगा.’ उन्होंने कहा, ‘दुनिया इंतजार नहीं कर रही है. हमें भी नहीं करना चाहिए.’

विदेश मंत्री ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता पर क्या कहा?

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साल 2024 में संसद को संबोधित करते हुए कहा था, ‘भारत को इस बात पर दृढ़ विश्वास है कि उसके पास समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाने वाली एक रिफॉर्म्ड और एक्सपैंडेड संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य बनने के लिए सभी योग्यताए हैं.’

एंटोनियो गुटेरेस UN सिस्टम के लिए भारत को बता चुके महत्वपूर्ण

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और यूएन के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने पहले भी भारत को संयुक्त राष्ट्र प्रणाली (UN System) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है. उन्होंने पिछले साल कहा था, ‘भारत संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है. वह बहुपक्षवाद का प्रबल समर्थक है. महासचिव के भारतीय सरकार के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं. कई भारतीय मूल के नागरिक हमारे साथ यहां काम करत हैं. संयुक्त राष्ट्र की प्रणाली में भारत की आवाज बेहद महत्वपूर्ण है.’

यह भी पढ़ेंः काबुल में रेस्तरां के सामने IED ब्लास्ट, चीनी नागरिकों को बनाया गया टारगेट, कम से कम 7 की मौत; कौन है जिम्मेदार?





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *