India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए बड़े ट्रेड डील ऐलान के बाद अब दोनों देश मिलकर एक संयुक्त बयान (Joint Statement) तैयार कर रहे हैं, जिसमें इस समझौते की पूरी रूपरेखा होगी. यह संयुक्त बयान अगले चार से पांच दिनों में या उससे पहले भी जारी हो सकता है. इसके दो दिन बाद अमेरिका की ओर से एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर आने की उम्मीद है, जिसके तहत भारतीय सामान पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा.
यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी. उन्होंने बताया कि यह वही हाई-प्रोफाइल ट्रेड डील है, जिसका ऐलान इसी हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था. इस समझौते पर करीब एक साल से बातचीत चल रही थी. पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि इस डील पर औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर मार्च के मध्य तक हो सकते हैं.
चार-पांच दिन में आएगा संयुक्त बयान
पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के अधिकारियों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, “भारत और अमेरिका के बीच बहुत अच्छी बातचीत चल रही है जैसा कि हमारे दोनों नेताओं ने तय किया था. हमारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की पहली किस्त लगभग तैयार है. हमें उम्मीद है कि अगले चार से पांच दिनों में या उससे पहले, भारत और अमेरिका के बीच एक संयुक्त बयान जारी हो जाएगा और उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.”
उन्होंने बताया कि इस संयुक्त बयान के बाद अमेरिका भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ और 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ (रूस से तेल खरीदने को लेकर) यानी कुल 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर सकता है. इसके बाद एक औपचारिक ड्राफ्ट एग्रीमेंट तैयार होगा, जिस पर मध्य मार्च में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से लागू होगा नया टैरिफ
पीयूष गोयल ने कहा कि 18 प्रतिशत वाला नया टैरिफ अमेरिका के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद लागू होगा. उन्होंने बताया कि संयुक्त बयान जारी होने के करीब दो दिन बाद यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर आ सकता है. मंत्री ने कहा, “संयुक्त बयान चार से पांच दिन में, या उससे पहले भी आ सकता है. हमने इस पूरी प्रक्रिया को काफी तेज रखा है.”
इन सेक्टरों को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले से भारत के करीब 30 अरब डॉलर से ज्यादा के लेबर-इंटेंसिव एक्सपोर्ट को तुरंत फायदा मिलेगा. इसमें टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, लेदर प्रोडक्ट्स, जूते-चप्पल, समुद्री उत्पाद और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) से जुड़े सामान शामिल हैं. इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि टैरिफ घटने से इन सेक्टरों की अमेरिका में बिक्री बढ़ेगी.
राजेश अग्रवाल ने बताई आगे की प्रक्रिया
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संयुक्त बयान आना एक सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने कहा, “जब नेताओं के स्तर पर डील फाइनल हो जाती है, तो उसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जाता है. जैसा कि मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, यह अगले चार से पांच दिनों में या उससे पहले भी आ सकता है.”
उन्होंने आगे बताया कि संयुक्त बयान के बाद उसे एक कानूनी समझौते में बदला जाएगा और वही समझौता लागू होगा. अग्रवाल ने कहा कि इसकी टाइमलाइन मध्य मार्च की है. उन्होंने साफ किया कि भारत की तरफ से टैरिफ में कटौती तभी होगी, जब कानूनी समझौते पर साइन हो जाएंगे क्योंकि भारत में टैरिफ MFN सिस्टम के तहत होते हैं. वहीं अमेरिका में टैरिफ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए लगाए जाते हैं इसलिए वहां कटौती का फैसला पहले हो सकता है.