भारत के ‘दोस्त’ ने पाकिस्तान का कर दिया बड़ा नुकसान, तोड़ दी ये बड़ी डील, इंडिया का होगा फायदा!


पाकिस्तान को आर्थिक और कूटनीतिक तौर पर एक और बड़ा झटका लगा है. पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान में सत्ता संभाल रहे तालिबान ने पाकिस्तान से दवाओं के आयात पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया है. तालिबान वित्त मंत्रालय की ओर से इसको लेकर आदेश जारी किया गया है और अफगान व्यापारियों को पाकिस्तान के बजाय दूसरे देशों से व्यापारिक विकल्पों को तलाशने के निर्देश दिए हैं. अफगानिस्तान के इस कड़े फैसले को भारत के पक्ष में देखा जा रहा है, जिसके साथ भविष्य में वह व्यापार का रुख कर सकता है.

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान वित्त मंत्रालय ने यह भी साफ किया है, कि देश में दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा और  जब्त किए गए सामान को नष्ट कर दिया जाएगा. संबंधित अधिकारी तस्करी मार्गों से माल की आवाजाही भी रोकेंगे. साथ ही, अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट का कहना है कि इस फैसले के बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जिनमें घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, बाजार में खराब क्वालिटी की दवाओं की जगह नई दवाएं उपलब्ध कराना और आयात के वैकल्पिक मार्ग तलाशना शामिल हैं.

काबुल की एक फार्मेसी कंपनी के एमडी हिकमतुल्लाह ने टोलो न्यूज को बताया, कई केस में देश में बनने वाली दवाओं क्वालिटी के मामले में पाकिस्तान से आयात होने वाली दवाओं से बेहतर हैं. उनका कहना है कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है.  हिकमतुल्लाह ने कहा, “कुछ लोग दवाइयों के पैकेट लाते थे और पाकिस्तानी दवाइयां मांगते थे. उन्हें यह जानकारी नहीं है कि हमारे देश (अफगानिस्तान) में बनने वाली दवाइयां बेहतर क्वालिटी की होती हैं.”

अफगानिस्तान में घरेलु दवाओं की मांग को पूरी करने की बात सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय कर कर चुका है. 12 नवंबर 2025 को आर्थिक मामलों के उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने वित्त मंत्रालय को निर्देश दिए थे कि तीन महीने के अंदर ही पाकिस्तान से आयात होने वाली दवाओं को रोका जाना चाहिए और उन पर सीमा शुल्क न लगाने के निर्देश दिए थे.



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