India Pakistan News: भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई 2025 को किए गए सटीक सैन्य हमलों के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार के भीतर बेचैनी साफ दिखने लगी है. जहां पाकिस्तान सरकार सीमा पर गोलाबारी और मिसाइल हमलों से जवाब देने की कोशिश कर रही है, वहीं उसके रिटायर्ड सैन्य अफसर खुद मान रहे हैं कि भारत के सामने उनकी सैन्य ताकत कमजोर पड़ रही है.
पाकिस्तान के डॉन टीवी पर प्रसारित एक वीडियो क्लिप में पूर्व एयर मार्शल मसूद अख्तर ने पाकिस्तान की सैन्य स्थिति पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा,”भारत के पास 16 लाख की सेना है, हमारे पास केवल 6 लाख. कोई भी ‘गजवा’ हमें नहीं बचा सकता.” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत ने चार बार बड़े पैमाने पर हमले की योजना बनाई थी, लेकिन पाकिस्तान में इसकी कोई तैयारी या जवाब मौजूद नहीं है. मसूद अख्तर ने पाकिस्तान के नेतृत्व को भविष्य के लिए गंभीर सोच और अंतरराष्ट्रीय दबाव (विशेषकर अमेरिका) की जरूरत बताई.
Pakistan’s Retired Air Marshal Masood Akhtar gives a wake up call to bosses running fake agenda:
“Our condition is very bad , India has a force of 16 lakh, our strength is of mere 6 lakh. Neither can be match them in other fields. We can’t fight for long with India.” pic.twitter.com/g7ZEDdOpts
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) May 10, 2025
ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकी कैंप तबाह
भारत की ओर से 7 मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कम से कम 100 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
मसूद अजहर ने स्वीकारी मौतों की बात
भारत की इस कार्रवाई को पाकिस्तान सरकार ने ‘नागरिकों पर हमला’ कहकर प्रचारित करने की कोशिश की, लेकिन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के बयान ने इस झूठ को उजागर कर दिया. मसूद अजहर ने खुद स्वीकार किया कि भारत की मिसाइल स्ट्राइक में उसके 10 पारिवारिक सदस्य और चार शीर्ष सहयोगी मारे गए
पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट हुईं पार्टियां
आमतौर पर सरकार की सैन्य कार्रवाई पर आलोचना करने वाले विपक्षी दलों ने भी इस बार एकजुट होकर ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया है. जद (यू) नेता संजय झा ने कहा कि 2001 के बाद भारत में हुए हर बड़े आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार शिविरों को खत्म किया गया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सशस्त्र बलों और सरकार की तारीफ करते हुए संयुक्त राष्ट्र से मांग की कि लश्कर के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए.
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार अब भारत के जवाब में गोलाबारी और ड्रोन हमलों का सहारा ले रही है, लेकिन देश के भीतर से आ रही प्रतिक्रियाएं यह दिखा रही हैं कि पाक सेना आंतरिक रूप से घबराई हुई है.राष्ट्र की सुरक्षा रणनीति असंतुलित है.राजनीतिक नेतृत्व दिशाहीन नजर आ रहा है