एशिया महाद्वीप में अब तक सिर्फ तीन देशों, भारत, चीन और जापान की नौसेनाओं के पास ही एयरकाफ्ट कैरियर मौजूद हैं, लेकिन अब जल्द ही एशियाई समंदर के धुरंधरों की लिस्ट में इंडोनेशिया का नाम चौथे देश के तौर पर शामिल होने वाला है. इंडोनेशिया जल्द ही एयरक्राफ्ट कैरियर हासिल करने वाला एशिया का चौथा देश बन सकता है.
एशियाई देशों के पास कितने एयरक्राफ्ट कैरियर हैं?
एयरक्राफ्ट कैरियर की ताकत से लैस देशों में शामिल भारत के पास इस वक्त दो एयरकाफ्ट कैरियर INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य हैं. वहीं, चीन की नौसेना के पास लियाओनिंग, शैनडोंग और फुजियान नाम के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हैं. जबकि चीन के पड़ोसी देश जापान ने हाल ही में अपने दो हेलीकॉप्टर डॉक को F-35B स्टील्थ फाइटर जेट रखने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर में बदल दिया है.
इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया की सरकार इटली के ITS ग्यूसेप गैरीबाल्डी एयरकाफ्ट कैरियर को खरीदने को लेकर बातचीत कर रही है. इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) को ग्यूसेप गैरीबाल्डी इटली की सरकार की तरफ से ग्रांट है. ऐसे में एयरक्राफ्ट कैरियर की खरीद को लेकर दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जारी हैं.
अक्टूबर तक एयरक्राफ्ट कैरियर से लैस हो सकता है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया की नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल मुहम्मद अली ने उम्मीद जताते हुए कहा कि इटली में बना इंडोनेशिया का पहला एयरक्राफ्ट कैरियर ग्यूसेप गैरीबाल्डी इसी साल अक्टूबर में पहुंच सकता है. इटली के साथ ये डील पूरी हो जाती है, तो इंडोनेशिया एयरक्राफ्ट कैरियर की ताकत से लैस एशिया महाद्वीप का चौथा देश बन जाएगा.
1980 के दशक में बना था ITS ग्यूसेप गैरीबाल्डी
एशियाई देश इंडिनेशिया जिस एयरक्राफ्ट कैरियर ITS ग्यूसेप गैरीबाल्डी की खरीद को लेकर इटली के साथ बातचीत कर रही है, उसे 1980 के दशक में बनाया गया था. इस एयरक्राफ्ट कैरियर का वजन 10,300 टन है, जो हैरियर और हेलीकॉप्टर जैसे फिक्स्ड-विंग एयरक्राफ्ट को चलाने में सक्षम है.