भारत रूस से तेल खरीदेगा या नहीं? ट्रंप के दावों पर पुतिन के करीबी बोले- ‘उनके अलावा किसी के मुंह से नहीं सुना’


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल की खरीद को लेकर किए गए दावे पर मॉस्को ने प्रतिक्रिया दी है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के अलावा किसी से ये नहीं कहा कि भारत रूसी तेल खरदीना बंद कर देगा. उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अन्य भारतीय प्रतिनिधियों सहित किसी और के मुंह से ऐसा बयान नहीं सुना है. ‘उन्होंने कहा कि यह मानने का कोई आधार नहीं है कि मॉस्को और नई दिल्ली के बीच हुआ समझौता खतरे में हैं.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर ट्रंप का दावा

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तल की खरीद बंद करने और अमेरिका-वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने पर सहमत हुआ है. हालांकि भारत ने कहा है कि वह अपने लोगों की जरूरत को पूरा करने के लिए किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए आजाद है. रूस ने अमेरिका पर भारत और अन्य देशों को रूसी तेल खरीदने से रोकने का आरोप लगाया.

रूस ने कहा है कि वाशिंगटन ग्लोबल इकोनॉमी डोमिनेंस के अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए टैरिफ, प्रतिबंध और प्रत्यक्ष निषेध सहित कई तरह के ‘दबावपूर्ण’ उपायों का इस्तेमाल कर रहा है. सर्गेई लावरोव ने कहा, ‘भारत और अन्य ब्रिक्स सदस्यों जैसे प्रमुख रणनीतिक साझेदारों के साथ हमारे ट्रेड, निवेश सहयोग और सैन्य-तकनीकी संबंधों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है.’

रूस ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों को दी चेतावनी

रूस ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों के कड़ी चेतावनी दी है. सर्गेई लावरोव ने रूसी संसद से धमकी दी है कि अगर पश्चिमी देश ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाता है तो उसकी सेना जवाबी कार्रवाई करेगी. ग्रीनलैंड की स्थिति को लेकर सर्गेई लावरोव ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों से पता चलता है कि दुनिया लंबे समय तक चलने वाले परिवर्तन के दौर में एंट्री कर चुकी है.

लावरोव ने इससे पहले कहा कि रूस ने पिछले साल राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके अमेरिकी समकक्ष ट्रंप के बीच अलास्का में हुई वार्ता के दौरान यूक्रेन पर अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था. उन्होंने कहा, ‘हमें बताया गया था कि यूक्रेन मुद्दे का समाधान होना चाहिए. एंकरेज में, हमने अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. सीधे शब्दों में कहें तो उन्होंने प्रस्ताव रखा और हम सहमत हो गए, समस्या का समाधान होना चाहिए.’



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