चीन मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच मध्यस्थता के लिए अपने एक स्पेशल दूत को भेजेगा. इस इलाके में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है. यह जानकारी चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को सऊदी अरब और यूएई के अपने समकक्षों को फोन कॉल पर दी है.
रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन का मानना है कि इस इलाके में लगातार संघर्ष बढ़ रहा है. चीनी मंत्रालय ने सऊदी मंत्री के साथ एक फोन कॉल में वांग के हवाले से कहा है कि चीन सऊदी अरब के संयम और शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों को सुलझाने पर जोर देने की तारीफ करता है.
वांग ने कहा है कि संघर्षों में आम लोगों की सुरक्षा की रेड लाइन पार नहीं की जानी चाहिए. एनर्जी से जुड़े संसाधनों को टारगेट कर सैन्य हमला नहीं किया जाना चाहिए. इसके अलावा शिपिंग रूट की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
इजरायल-अमेरिका Vs ईरान के बीच युद्ध का 6वां दिन
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले और छिड़ी जंग का गुरुवार को 6 दिन हो गए हैं. ये सब 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. तब से मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. ईरान ने हालांकि, जवाबी हमले शुरू किए हैं. गल्फ देशों में मौजूद अमेरिका के बेस और दूतावासों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया है.
तेल की कीमतों में उछाल, हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अटैक
इधर इजरायल ने पिछले दिनों में लेबनान में स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अटैक बढ़ाए हैं. ईरान में मौतों का आंकड़ा 1145 से ऊपर पहुंच गया है. दुनिया भर में तेल की कीमतों में 150 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है.
इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया है. इस दौरान इजरायली F-35 और अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स, बैलिस्टिक मिसाइल बेस और लीडरशिप टारगेट्स पर हमले किए. इस युद्ध में पहले ही दिन 200 लोगों की जान गई थी.