अमेरिका इजरायल के ईरान पर हमले जारी हैं. अली लारीजानी की हत्या के बाद आईआरजीसी ने अमेरिका के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले और तेज कर दिए हैं. इससे मिडिल ईस्ट में हालात और बदतर होते जा रहे हैं. इन सबके बीच पाकिस्तान का बयान आया है.
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने मिडिल ईस्ट में राजनयिक स्थिरता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए एक क्षेत्रीय साझेदार के रूप में अपने देश की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है.
क्या बोले अताउल्लाह तरार
अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में अताउल्लाह तरार ने कहा कि ईरान में स्थिति को शांत करने और आगे अस्थिरता को रोकने में भाग लेने की पाकिस्तान ने हार्दिक इच्छा व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इन दीर्घकालिक संबंधों के कारण ही पाकिस्तान हर संभव प्रयास में हस्तक्षेप करने और सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर रहा है.
पाकिस्तानी मंत्री अताउल्लाह तरार ने आगे कहा कि पाकिस्तान विभिन्न साझेदारों के साथ बातचीत में शामिल है और हम हमेशा से संबंधों में इस संतुलन को बनाए रखना चाहता है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम इस क्षेत्र के देशों के साथ मध्यस्थता की भूमिका निभाने में सक्षम हैं.
मिडिल ईस्ट के देशों को निशाना बना रहा ईरान
बता दें कि ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई में मिडिल ईस्ट के देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है. ईरान ने गल्फ के दो सबसे ताकतवर देश संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को भी निशाना बनाया है. हाल ही में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ सऊदी पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से हुई थी. इस दौरान सऊदी ने ईरान के हमलों को लेकर पाकिस्तान के सामने अपनी चिंता जाहिर की थी. ऐसे में अब क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान ने अपनी पेशकश की है.
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