‘मेरे पति घर में घुस रहे थे, तभी पेट्रोल छिड़ककर…’, बांग्लादेश में भीड़ ने हिंदू शख्स को लगाई आग, परिवार ने सुनाई आपबीती


बांग्लादेश में उग्र भीड़ अल्पसंख्यक हिंदुओं के खून की प्यासी हो गई है. यहां तीसरे हिंदू व्यक्ति को आग लगाने के बाद पीड़ित परिवार ने इसे खौफनाक घटना बताया है. खोकन चंद्र दास के परिवार ने इसे चौंकाने वाला और बेतुका करार दिया है. उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि क्यों उन्हें निशाना बनाया गया है. खोकन चंद्र दास बांग्लादेश के शरियतपुर जिले के रहने वाले हैं, और एक बिजनेसमैन हैं. भीड़ के हमले में 30% तक जल चुके हैं. ढाका में उनका इलाज चल रहा है. 

पति पर हुए हमले को याद कर रो पड़ी पत्नी सीमा दास

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, उनकी पत्नी सीमा दास घटना को याद कर रो पड़ीं. उन्होंने कहा कि उनके पति पर हमला तब हुआ, जब वो घर में घुसने वाले थे. उन्होंने कहा, ‘मेरे पति एक बिजनेसमैन हैं. घर में घुस रहे थे, तभी भीड़ ने उनपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. वह शांत स्वभाव के इंसान हैं. शांतिपूर्ण जीवन जीते हैं. उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है. हमें हमले के पीछे की वजह समझ नहीं आई है.’

बहन बोली- ‘हमला हिंसक था’

उनकी बहन अंजना रानी ने कहा, ‘हिंसक हमला था. रात करीब 8:30 पर यह हुआ. भीड़ ने उनके सिर पर मारा. फिर उनपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. उन्होंने मदद के लिए चिल्लाते हुए पानी में कूदने की कोशिश की.’

पीड़ित के परिजनों की क्या मांग?

पीड़ित के भतीजों ने बताया, ‘मुझे मेरे चाचा पर हमले के बारे में फोन आया. मैं अस्पताल पहुंचा. पुलिस मौके पर पहुंची. मामले की जांच चल रही है. मेरे चाचा का चेहरा और हाथ जल गए थे.’

पीड़ित के दूसरे भतीजे ने बताया, ‘हम मामले में जांच चाहते हैं. अपराधियों को कटघरे में खड़ा किया जाए. मेरे चाचा की कभी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. वह आईसीयू में हैं. उनकी हालत बहुत गंभीर है. खून की प्यासी भीड़ हत्या के इरादे से उनके पास आई थी.’ 

क्या है पूरा घटनाक्रम?

यह घटना शरियतपुर जिले के दामुड्या के कनेश्वर यूनियन इलाके के उरभंगा बाजार की है. वहां उग्र भीड़ ने उनपर हमला किया. उनपर पेट्रोल डाला गया. आग लगा दी. स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया. शरियतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया. जहां उनका इलाज चल रहा है. दास का दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार है. वह अपनी दुकान बंद करके लौट रहे थे. तभी उनपर हमला हुआ. पुलिस के मुताबिक हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर ली है. उनकी गिरफ्तारी की जांच चल रही है.

18 दिसंबर को उग्र भीड़ दीपू चंद्र की हत्या कर दी थी

इससे पहले मैमनसिंह जिले में एक गारमेंट फैक्ट्री के कर्मचारी दीपू चंद्र दास की 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में हत्या कर दी गई थी. इसके बाद उनकी लाश खओ लटकाकर जला दिया. 

इसके अलावा राजबाड़ी के पांग्शा उप जिले के कलिमोहर यूनियन में अलग घटना देखने को मिली. इसमें होसेंडांगा गांव में अमृत मंडल नाम के एक हिंदू युवक को कथित जबर वसूली विवाद के कारण पीट-पीटकर मार डाला गया. 



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