अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वर्ल्ड ऑर्डर के तेजी से बदलता नजर आ रहा है. दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 (WEF) के मंच से मैक्रों ने चीन को यूरोप में निवेश करने की बात कहकर ग्लोबल पॉलिटिक्स और ट्रेड वॉर की बहस को हवा दे दी है. उन्होने चीन को यूरोपीय बाजार में निवेश करने का न्योता दिया, लेकिन साथ ही कई शर्तें भी रख दी. अब इस पर चीन ने जवाब दिया है.
मैक्रों ने चीन को यूरोप में इंवेस्ट रने का दिया न्योता
मैक्रों ने कहा, ‘यूरोप को चीन से सिर्फ सस्ते प्रोडक्ट्स और डिवाइस नहीं, बल्कि ऐसी टेक्नोलॉजी और निवेश चाहिए जिससे यूरोप का भी विकास हो. उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी प्रोडक्ट के स्टैंडर्स अक्सर यूरोपीय मानकों से मैच नहीं करते. चीन की वजह से यूरोपीय कंपनियों का नुकसान हो रहा है क्योंकि वे अपने प्रोडक्ट्स को भारी सब्सिटडी देते हैं. चीन जरूरत से ज्यादा सामान बना रहा है, जो पूरी दुनिया के मार्केट पर बुरा असर डाल रही है.’ मैक्रों के बयान पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
चीन ने यूरोप के साथ काम करने की उम्मीद जताई
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन-यूरोपीय यूनियन के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध एक-दूसरे के लाभ पर टिका है. उन्होंने कहा, मार्केट में चीनी प्रोडक्ट की बढ़त सब्सिडी से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और सप्लाई चैन में किए गए इंवेस्ट के कारण है. हमारे प्रोडक्ट सस्ते और बेहतर हैं. चीन ने कभी भी जानबूझकर ट्रेड सरप्लस (किसी देश का कुल निर्यात, कुल आयात से अधिक हो जाना) हासिल करने की कोशिश नहीं की है. हम दुनिया के बाजार के रूप में भी सेवा देने के लिए तैयार हैं.’ चीन ने उम्मीद जताई है कि यूरोप दूरदर्शी नजरिया और खुले विचारों को अपनाएगा और चीन के साथ मिलकर काम करेगा.
‘चीनी व्यवसायों के लिए निष्पक्ष माहौल देगा यूरोप’
यूरोप में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की बात करते हुए गुओ जियाकुन ने कहा कि चीनी सरकार ने बाजार के सिद्धांतों के अनुसार यूरोप में निवेश और इच्छुक चीनी कंपनियों को लगातार समर्थन दिया है. चीन ने कहा कि वे भी अपनी कंपनियों के लिए इसी तरह के स्वागत की उम्मीद करते हैं. गुओ ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि यूरोपीय देश चीन के व्यवसायों के लिए एक निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव, पारदर्शी माहौल तैयार करेगा.’
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप और मैक्रों में ठनी
ग्रीनलैंड को लेकर जहां एक तरफ अन्य यूरोपीय नेता संयम दिखा रहे हैं तो वहीं मैक्रों ने ट्रंप के खिलाफ आक्रमक रुख अपनाया हुआ है. ट्रंप पर निशाना साधते हुए उन्होने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जा रहा है और ऐसा लगता है कि केवल सबसे शक्तिशाली लोगों के कानून ही मायने रखते हैं. उनकी (डोनाल्ड ट्रंप) अपनी नैतिकता केवल ग्लोबल पावर को सीमित करती है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं है.’