‘मोदी जी, 5 जहाजों का सच क्या है?’, ट्रंप के दावे पर राहुल गांधी ने दागा सवाल, बीजेपी ने किया पलटवार


Amit Malviya Targets Congress: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. इस बार उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें ट्रंप कहते नजर आ रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष में ‘पांच लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे.’ इसी वीडियो को पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया  ‘मोदी जी, 5 जहाजों का सच क्या है? देश को जानने का हक है!’

राहुल गांधी के ट्वीट पर बीजेपी का तीखा पलटवार
राहुल गांधी के इस ट्वीट पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि राहुल गांधी की मानसिकता देशविरोधी जैसी है. अमित मालवीय एक्स पर लिखा- ‘राहुल गांधी की मानसिकता एक देशद्रोही की है. ट्रंप ने अपने बयान में न तो भारत का नाम लिया, न ही यह कहा कि वे पांच जहाज भारत के थे. फिर कांग्रेस के युवराज ने उन्हें भारत के ही क्यों मान लिया? पाकिस्तान के क्यों नहीं माने? क्या उन्हें अपने देश से ज़्यादा हमदर्दी पाकिस्तान से है? सच्चाई यह है कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान अब तक उबरा नहीं है… लेकिन दर्द राहुल गांधी को हो रहा है! जब भी देश की सेना दुश्मन को सबक सिखाती है, तब कांग्रेस को मिर्ची लगती है। भारत विरोध अब कांग्रेस की आदत नहीं, पहचान बन चुका है. राहुल गांधी बताएं- क्या वह भारतीय हैं या पाकिस्तान के प्रवक्ता?’

राष्ट्रपति ट्रंप ने निजी डिनर में दिया बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक निजी डिनर के दौरान दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया था. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये विमान भारत के थे या पाकिस्तान के. ट्रंप ने कहा-‘दरअसल, विमान हवा में से गिराए जा रहे थे. चार या पांच नहीं, बल्कि मुझे लगता है कि पांच विमान वास्तव में गिराए गए थे.’

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर, अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा शुरू किया गया एक सैन्य अभियान था. इस हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे. भारत ने इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान के अंदर नौ ठिकानों पर आतंकी ढांचों पर हमला किया, जिसमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय शामिल थे.

भारत ने नुकसान स्वीकारा, लेकिन संख्या नहीं बताई
भारत की ओर से इस मामले पर आधिकारिक रूप से यह स्वीकार किया गया कि कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन यह भी साफ कहा गया कि नुकसान की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि ऐसा क्यों हुआ. भारत के रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने कहा, ‘महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि विमान गिरा, बल्कि यह है कि वह क्यों गिरा.’
उन्होंने पाकिस्तान के छह विमानों को गिराने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया.



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