मौलाना महमूद मदनी के भड़काऊ बयान पर आया चीफ इमाम उमर अहमद इलियासी का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?



मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के विवादित बयान ने देशभर में एक नया ही विवाद खड़ा कर दिया है. अब उनके बयान की मुखालफत खुद ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने की है. उन्होंने एक बयान जारी कर इसे गैरजरूरी और देश को बांटने वाला करार दिया है. 

इलियासी ने कहा,  ‘न तो मैं और न ही कोई भारतीय मुसलमान मौलाना महमूद मदनी के बयान से सहमत है. उनका बयान बेबुनियाद है. उनके बयान से माहौल खराब होगा और देश में अराजकता फैलेगी. उन्होंने कहा कि उन्हें न तो सरकार पर भरोसा है और न ही कोर्ट पर, खासकर सुप्रीम कोर्ट पर. हमें नहीं पता कि वह क्या मैसेज देना चाहते हैं या क्या कहना चाहते हैं. लेकिन उन्होंने अपने बयान में खास तौर पर मुसलमानों का ज़िक्र किया. देश के मुसलमान इससे सहमत नहीं हैं. उनके चाचा ने भी कुछ समय पहले विवादित बयान दिया था. उससे भी देश का माहौल खराब हुआ था.

उनके बयान के पीछे क्या इरादे?

इलियासी ने आगे कहा, ‘हमें उनके बयान के पीछे के इरादों के बारे में सोचना चाहिए. देश की शांति पर असर नहीं पड़ना चाहिए. आज देश विरोधी ताकतें एक्टिव हैं. देश की शांति को बिगाड़ने की साज़िशें रची जा रही हैं. PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश ‘विश्व गुरु’ बनने की ओर बढ़ रहा है. इसलिए, साज़िशें की जा रही हैं. देश का माहौल खराब करने के लिए यह सब किया जा रहा है. कोई भी भारतीय मुसलमान उनके बयान से सहमत नहीं है. इसलिए, उन्हें साफ-साफ बताना चाहिए कि उनकी ऐसी सोच क्यों है.’

मौलाना महमूद मदनी ने क्या कहा था? 

भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एमपी के भोपाल एक विवादित बयान दिया था. इसमें उन्होंने बाबरी मस्जिद पर दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले, देश की सरकार की नीति नियत पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा. इसके अलावा उन्होंने वंदे मातरम को लेकर भी विवादित बयान दिया था. बस इसी के बाद से उनका यह बयान इंटरनेट पर वायरल हो गया. उनके इस बयान को अधिकतर लोग सांप्रदायिकता को उकसवा देने से जोड़कर देख रहे हैं. 





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