‘यह दुश्मनी की इन्तेहाई को दिखाता है’, इजरायल-अमेरिका के हमले पर भारत में ईरान के राजदूत ने क्या कहा?


इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमला कर दिया है. वहीं ईरान ने भी मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई की है. इसी हमले पर ईरान के राजदूत ने ईरान के कल्चर हाऊस में भाषण दिया है. ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली ने बयान दिया है. उन्होंने युद्ध को लेकर कड़ी टिप्पणी की है. 

फतहली ने कहा कि कुरान में अल्लाह ने कहा है कि वे हमेशा आपसे जंग करते रहेंगे और आपको आपके दीन से दूर करना चाहेंगे. दुश्मन के मकसद को भी बयां किया है जो है कि जो अहले ईमान है उन्हें शिकस्त दी जाए. और यह दुश्मनी की इन्तेहाई को दिखाता है. अल्लाह ने यह पैगाम दिया है कि अपनी पहचान को मजबूत करें. इसके साथ ही यह भी कहा है जो दुश्मन अपने मकसद को पाना चाहते हैं वह अपने मकसद को पाने में कामयाब नहीं हो सकते हैं और इसी एतबार से हक और बातिल की जंग हमेशा हमेशा रही है और आगे भी रहेगी.

ईरान के राजदूत ने कहा, ‘यह मसला कोई सरहद का मसला नहीं है. कोई जमीन का मसला नहीं है. यह सिर्फ ईमान और अपनी पहचान का मसला है. अपने आज जो वाकया देखे हैं वह इससे पहले भी इस तरीके की काम करते रहे हैं, जब हक और बातिल के बीच जंग रही है. लेकिन जो अहम बात है कि अल्लाह ताला की सुन्नत है वह हक पर कायम रहेगा.’

दुआओं से ईरान को कामयाबी हासिल होगी: फतहाली

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं आपसे कहना चाहता हूं की जो 45 साल में हमने देखा है. जो कोई भी दुनिया में है उन्हें आजमाइश से गुजरना पड़ता है चाहे वह हुकूमत ही क्यों ना हो. और जो राजनीतिक मसला होता है, रणनीतिक फैसला की करने की जरूरत होती है. इंशाल्लाह जितने भी हक पसंद मुसलमान है वो हमको पसंद करते हैं उनकी दुआओं से इसमें ईरान को कामयाबी हासिल होगी.’

उन्होंने कहा, ‘रमजान के महीने में अमेरिका और इजरायल ने ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है, उन्होंने नागरिक ठिकानों पर हमला किया. यह हमला उस वक्त हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच डिप्लोमेटिक प्रक्रिया चल रही थी. न्यूक्लियर हथियार के मुद्दे पर बात चल रही थी जो की दिखाता है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हम बताना चाहते हैं कि ईरान अमन चाहता है. ईरान ने बहुत जिम्मेदारी के साथ काम किया है. आज एक बार फिर साबित हो गया कि Zionist रेजीम भरोसे के लायक नहीं है.’

अब हमें अपने देश को तैयार करना है: ईरानी राजदूत

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘हमने हर संभव कोशिश की है कि जंग ना हो लेकिन अब हमें अपने देश को तैयार करना है. UN चार्टर के 51 के तहत ईरान को अपनी रक्षा करने का अधिकार है. उसे अपनी रक्षा करने में जो भी रास्ते होंगे वह अपनाएगा. ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से तैयार है जैसे हम नेगोशिएशन के लिए तैयार थे वैसे हम अब आने बचाव के लिए भी तैयार हैं. ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर हम पर सैन्य हमले होंगे तो हम भी उनके लेजिटीमेट टारगेट को निशाना बनाएंगे.’

उन्होंने कहा, ‘हम अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना संबंध रखते हैं. लेकिन उन्हें अब हालात को समझना होगा उन्हें हालात और न बिगड़ने में मदद करनी चाहिए. अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब आगे आना चाहिए हम अमन और शांति चाहते हैं. इस वक्त इरान पूरी तरह से एकजुट है. हम अपनी मातृभूमि की रक्षा करेंगे ईरान कभी झुकेगा नहीं. इस बार भी कोई अलग बात नहीं होगी. ईरान जिंदाबाद.’

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