रूस-यूक्रेन में जारी जंग के बीच क्रेमलिन ने दावा किया कि ब्रिटेन और फ्रांस कीव को परमाणु बम मुहैया कराने की तैयारी कर रहे हैं. रूस की विदेशी खुफिया सेवा (SVR) ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को यह दावा किया, जिसके बाद मॉस्को और पश्चिमी देशों बीच तनाव और बढ़ने की संभावना गहरा गई है. आज के दिन 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. तभी से दोनों देशों में जंग चल रही है. रूस के खिलाफ यूक्रेन को ब्रिटेन और फ्रांस जैसे यूरोपीय देश हथियारों के साथ साथ फंडिंग कर रहे हैं.
यूके और फ्रांस पर रूस का आरोप
रूसी न्यूज एजेंसी TASS की रिपोर्ट के मुताबिक SVR ने कहा, ‘यूके और फ्रांस का मानना है कि यूक्रेन में मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए पारंपरिक तरीकों से रूस को हराना असंभव है. पश्चिमी देश इस जंग में यूक्रेन की स्थिति को मजबूत करने के लिए उसे सुपर हथियार (परमाणु बम) देने की सोच रहे हैं.’ एसवीआर ने दावा किया कि M51 सबमरीन-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल पर तैनात फ्रांस के TN75 छोटे आकार के वारहेड के उपयोग पर विचार किया जा रहा है.
रूस ने आईएईए से की जांच की मांग
रूसी खुफिया एजेंसियों के अनुसार जर्मनी ने यूक्रेन की मदद के लिए परमाणु हथियार भेजने में मदद करने से इनकार कर दिया. इस बीच रूस की फेडरेशन काउंसिल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से ब्रिटेन और फ्रांस की ओर ओर से यूक्रेन को परमाणु हथियार आपूर्ति करने के इरादे की जांच करने का आह्वान किया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नवंबर 2024 में कजाकिस्तान दौरे के दौरान कहा था कि मॉस्को यूक्रेन को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा और इसे रोकने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेगा.
पुतिन पहले ही दे चुके हैं धमकी
पुतिन ने कहा था, ‘अगर यूक्रेन परमाणु शक्ति बनने की कोशिश करेगा तो हम तबाही मचाने वाले अपने हथियारों का इस्तेमाल करेंगे.’ उन्होंने यूक्रेन को परमाणु हथियार उपलब्ध कराने वाले देशों को भी चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा, ‘वहां जो कुछ भी हो रहा है, उस पर हम नजर रखेंगे और इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ जून 2022 में, यूरोपीय संसद के सदस्य राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा था कि पश्चिमी देश को यूक्रेन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उसे परमाणु हथियार उपलब्ध कराने का अधिकार है.