बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. युनूस सरकार ने निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया है. पार्टी की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है. शेख हसीना ने निर्वासन पर रहते हुए अपना पहला सार्वजनिक भाषण जारी किया है. उन्होंने बांग्लादेश के नागरिकों से मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया है. साथ ही कहा है कि मौजूदा सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में असमर्थ है.
चुनाव से तीन हफ्ते पहले जारी किया शेख हसीना ने भाषण
आम चुनाव से तीन हफ्ते से भी कम समय पहले दिए भाषण में हसीना ने देश में हिंसा और अव्यवस्था खत्म करने की अपील की है. साथ ही धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं और कमजोर समुदायों की सुरक्षा के लिए पक्की गारंटी की मांग की है. हसीना ने संयुक्त राष्ट्र से अपनी सरकार गिराने के बाद के घटनाक्रमों की नई और पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराने का भी आग्रह किया है.
Awami League President Sheikh Hasina’s message on the sham election which is being staged by the #YunusRegime in the name of #democracy. pic.twitter.com/UrpjpC6VG6
— Bangladesh Awami League (@albd1971) January 24, 2026
शेख हसीना ने भाषण एक ऑडियो की जरिए जारी किया है
भारत में स्वेच्छा से निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना ने अपने भाषण में कई बातें कही हैं. उन्होंने अपने भाषण का एक ऑडियो जारी किया है. यह रिकॉर्डिंग फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ शीर्षक वाले एक कार्यक्रम चलाई गईं. उनका भाषण बांग्लादेश में चुनाव प्रचार शुरू होने के एक दिन बाद आया है. बांग्लादेश में चुनाव आवामी लीग के बगैर हो रहे हैं.
हसीना ने युनूस को सत्ता का भूखा और गद्दार कहा
हसीना ने अपने भाषण में युनूस को भ्रष्ट, सत्ता का भूखा गद्दार करार दिया है. उनपर उन्हें पद से हटाने की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने घोषणा की कि इस घड़ी में पूरे देश को एकजुट होकर और हमारे महान मुक्ति संग्राम की भावना से प्रेरित होकर उठना होगा. इस राष्ट्रीय दुश्मन की विदेशी सेवा करने वाली कठपुतली सरकार को किसी भी कीमत पर उखाड़ फेंकने के लिए बांग्लादेश के बहादुर बेटों और बेटियों को शहीदों के खून से लिखे संविधान की रक्षा और उसे बहाल करना होगा. हमारी स्वतंत्रता को वापस पाना होगा. हमारी संप्रभुता की रक्षा करनी होगी. हमारे लोकतंत्र को पुनर्जीवित करना होगा.
उन्होंने विदेशों में मौजूद अवामी लीग के समर्थकों को दिए भाषण को दोहराते हुए हसीना ने 1971 में मुक्ति संग्राम में पार्टी की भूमिका को याद किया. उन्होंने सभी से कल्याणकारी लोकतांत्रिक राज्य की दिशा में काम करने की अपील की. उन्होंने अवामी लीग की ओर से पांच मांग रखी है. इसमें अवैध यूनुस प्रशासन को हटाकर लोकतंत्र को बहाल करना शामिल है.
हसीना ने अल्पसंख्यक- कमजोर तबके पर हो रही हिंसा रोकने की अपील
इसके अलावा उन्होंने रोजाना होने वाली हिंसा की घटनाओं और मौजूदा अराजकता भरे दौर को रोकने की मांग की है. साथ ही अल्पसंख्यक, महिलाओं और लड़कियों, समाज के कमजोर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी है. साथ ही डराने के लिए उपयोग किए जा रहे कानूनी दांव पेंच को बंद करने की अपील की है. न्यायपालिका में विश्वास को बहाल करने की मांग की है. शेख हसीना ने अपनी आलोचना यूनुस सरकार पर केंद्रित की. उनपर चरमपंथ सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के हमले रोकने में नाकाम रहने के आरोप लगाए हैं.
आने वाले चुनाव में बीएनपी का दबदबा रहने की उम्मीद है. साथ ही कट्टरपंथी जमात ए इस्लामी का ग्राउंड पर मजबूत होने का अनुमान है. ऐसे में शेख हसीना के भाषण को अवामी लीग को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिशों के तौर पर देखा है. हालांकि, अवामी लीग को बांग्लादेश में अच्छा खासा समर्थन हासिल है, लेकिन पार्टी के नेता विदेशों में निर्वासन पर रहने को मजबूर हैं.