पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्त्र, कतर, जॉर्डन, सऊदी अरब समेत आठ मुस्लिम देशों के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अहम बैठक की है. उन्होंने इन देशों से कहा है कि उनके लिए यह सम्मान की बात है कि वह इन मुल्कों के साथ बात कर रहे हैं. मंगलवार (23 सितंबर, 2025) को उनकी यह बैठक गाजा के मुद्दे पर थी, जिसमें ट्रंप ने कहा कि हमें बंधकों को वापस लाना होगा और पूरी दुनिया में सिर्फ यही समूह है जो ऐसा कर सकता है.
बैठक से पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता दिए जाने को लेकर बढ़ते वैश्विक दबाव का विरोध किया था. कुछ दिन पहले ही जब ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देने का ऐलान किया था तब सिर्फ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई थी.
सिर्फ ये आठ मुस्लिम देश ही कर सकते हैं ऐसा, बोले ट्रंप
पाकिस्तानी न्यूजपेपर द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की आठ मुस्लिम देशों के साथ यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं बैठक से इतर हुई है, जिसमें पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्त्र, कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब के साथ संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी शामिल हुए थे. बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से कहा, ‘हमें बंधकों को वापस लाना होगा… ये समूह ही ऐसा कर सकता है, दुनिया में कोई और ऐसा नहीं है…. तो मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैं आपके साथ बात कर रहा हूं.’
कतर के अमीर ने डोनाल्ड ट्रंप पर जताया भरोसा
ट्रंप ने कहा, ‘हमने यहां 32 बैठकें की हैं, लेकिन यह बैठक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि हम उस चीज को खत्म करने जा रहे हैं, जो शायद कभी शुरू ही नहीं होनी चाहिए थी. कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी ने ये बैठक करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में यह अहम बैठक करनी जरूरी थी. अमीर ने कहा कि वह यहां सिर्फ इजरायल और हमास के बीच करीब दो साल से चल रही जंग को खत्म करने और बंधकों को वापस लाने के लिए इकट्ठा हुए हैं. अमीर ने कहा कि वह यह जंग खत्म करने और गाजा के लोगों की मदद के लिए ट्रंप पर भरोसा करते हैं.
UNGA की स्पीच में ट्रंप ने फिलिस्तीन को अलग देश की मान्यता देने का किया विरोध
बैठक से पहले यूएनजीए में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देना हमास की ओर से किए जा रहे अत्याचारों को पुरस्कृत करने के समान है. उन्होंने दुनियाभर के देशों से कहा कि उन्हें गाजा में बंधकों की रिहाई पर ध्यान देना चाहिए. ट्रंप ने कहा कि वह बंधकों की वापसी के लिए सीजफायर चाहते हैं. हमें तुरंत गाजा में जारी जंग को रोकना चाहिए और शांति की बात करनी चाहिए.
न्यूयॉर्क में हुई इस बैठक से पहले 15 सितंबर को कतर की राजधानी दोहा में गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल के 60 देशों की अर्जेंट मीटिंग हुई थी. कतर में हमास के अधिकारियों पर किए गए हमले के बाद कतर ने आपातकाल यह बैठक बुलाई थी, जिसमें इजरायली हमले की तीखी आलोचना की गई. 15 सितंबर को इजरायल में हमास के अधिकारियों को निशाना बनाकर हमला किया गया, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई.