ये कैसी जालिम मां! अपने ही दो महीने के बच्चे को चूल्हे में झोंका, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


तेलंगाना मेडचल जिले कुतुबुल्लाहपुर के बोरामपेट इलाके में मंगलवार, 25 फरवरी को एक ऐसी जघन्य घटना सामने आई, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया. यहां एक 21 वर्षीय मां ने अपने दो महीने के बेटे की निर्मम हत्या कर दी, जिसका कारण बच्चे का लगातार रोना था.

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसे जलती हुई लकड़ी के चूल्हे (फायरवुड स्टोव) में फेंक दिया. यह हादसा मेडचल-मलकाजगिरी जिले के डुंडिगल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत एक निर्माण स्थल पर हुआ, जहां यह परिवार श्रमिक के रूप में काम करता था.

पिता के लौटने पर हुआ खुलासा
पूरा मामला तब सामने आया जब बच्चे के पिता राजेश (जिसे राजेंद्र के नाम से भी जाना जाता है) काम से वापस लौटे. राजेश मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और पलायन कर रहे श्रमिक के तौर पर यहां रहते थे. जब वह काम से लौटा तो उसने अपने बेटे सूर्य को जला हुआ पाया. देखते ही उसके पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई और उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी.

आरोपी महिला हिरासत में
मौके पर पहुंची डुंडिगल पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और आरोपी मां ममता अहिरवार को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला बच्चे के लगातार रोने से काफी परेशान और मानसिक तनाव के शिकार थीं. इसी गुस्से और परेशानी में उसने यह भयावह कदम उठाया. शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी अस्पताल भेज दिया गया है और पुलिस ने इस मामले में आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.

निर्माण स्थलों पर रहने वाले परिवारों की चुनौतियां
निर्माण स्थलों पर रहने वाले परिवारों के पास अक्सर बच्चों की देखभाल के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती. माता-पिता दोनों काम पर जाते हैं और छोटे बच्चों को कठिन परिस्थितियों में छोड़ना पड़ता है. ऐसे में महिलाओं पर घर और बच्चों की जिम्मेदारी का बोझ भारी हो जाता है. मानसिक स्वास्थ्य के मामले में भी यह घटना एक बड़ी चेतावनी है. अक्सर ‘पोस्टपार्टम डिप्रेशन’ (बच्चे के जन्म के बाद का तनाव) को गंभीरता से नहीं लिया जाता, खासकर गरीब परिवारों में जहां इलाज और जागरूकता का अभाव रहता है.

मानसिक तनाव का नतीजा
ममता का यह कृत्य किसी भी स्थिति में जायज नहीं है, लेकिन यह समाज के उस नक्शे को भी सामने लाता है जहां सपोर्ट सिस्टम की कमी किसी आदमखोर घटना का कारण बन जाती है. पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई और वजह भी थी या यह पूरी तरह से मानसिक तनाव का नतीजा था. फिलहाल, बच्चे के पिता का बयान दर्ज कर आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *