राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषित किए 6 उम्मीदवार, अभिषेक मनु सिंघवी को तेलंगाना से फिर मौका


तेलंगाना में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने छह उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. इनमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रसिद्ध कानूनी विशेषज्ञ अभिषेक मनु सिंघवी को तेलंगाना से उम्मीदवार बनाया गया है. पार्टी ने साथ ही वी. नरेंद्र रेड्डी के नाम को भी मंजूरी दे दी है. दोनों उम्मीदवार गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं. 

बताया जा रहा है कि इन दो सीटों के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में थे. इनमें पूर्व विधायक मशी चंद्र रेड्डी, पूर्व सांसद वी. हनुमंत राव, योजना आयोग के उपाध्यक्ष चिन्ना रेड्डी, विनय कुमार और कसम कुमार सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल थे. हालांकि अंततः मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सुझाव के बाद वी. नरेंद्र रेड्डी के नाम को अंतिम रूप दिया गया.

हाल ही में खाली हुई हैं तेलंगाना राज्यसभा की दो सीटें 

ये दोनों सीटें हाल ही में खाली हुई राज्यसभा सीटों के कारण अस्तित्व में आई हैं. इनमें से एक सीट पर अभिषेक मनु सिंघवी को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है. सिंघवी इससे पहले 2024 में हुए उपचुनाव में राज्यसभा के लिए चुने गए थे, जब के. केशव राव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उस समय सिंघवी को केवल दो साल का कार्यकाल मिला था. इसी कारण कांग्रेस पार्टी ने उनकी कानूनी विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए उन्हें एक बार फिर मौका देने का फैसला किया है.

वी. नरेंद्र रेड्डी तेलंगाना के मुख्यमंत्री के बेहद करीबी

दूसरी ओर वी. नरेंद्र रेड्डी को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बेहद करीबी सहयोगियों में गिना जाता है. नरेंद्र रेड्डी मूल रूप से महबूबाबाद जिले से संबंध रखते हैं. वे 2004 के विधानसभा चुनाव में महबूबाबाद विधानसभा क्षेत्र से तेलुगु देशम पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे. बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया.

कांग्रेस में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें अपना विशेष सलाहकार भी नियुक्त किया था. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनके राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ से पार्टी को राज्यसभा में मजबूती मिलेगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा इन नामों की घोषणा तेलंगाना की राजनीति में आने वाले दिनों में नई रणनीति का संकेत है. पार्टी नेतृत्व अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं को राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है.



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