ब्रिटेन में प्रवासन (इमिग्रेशन) के खिलाफ आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. शनिवार (13 अगस्त) को लंदन की सड़कों पर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन की अगुवाई में लाखों लोग उतर आए. रैली के बीच अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने भी विवादित बयान देकर माहौल और गरमा दिया.
मस्क ने कहा कि ब्रिटेन में अब सत्ता परिवर्तन जरूरी है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा, “आपके पास सिर्फ दो रास्ते हैं- लड़ो या मर जाओ.” मस्क ने दावा किया कि बड़े पैमाने पर प्रवासन ने ब्रिटेन को संकट में डाल दिया है और आने वाले समय में यह देश के विनाश का कारण बन सकता है. एलन मस्क ने आगे कहा, “हिंसा की आग आप तक जरूर पहुंचेगी. इसे रोकने का कोई उपाय नहीं है. इसलिए लड़ने के लिए तैयार रहना ही एकमात्र रास्ता है. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार को तुरंत हटाना चाहिए. संसद भंग होनी चाहिए और नए चुनाव कराए जाने चाहिए.”
— Elon Musk (@elonmusk) September 13, 2025
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लगाए नारे
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘हमें अपना देश वापस चाहिए’ जैसे नारे लगाए. कई जगहों पर पुलिस और भीड़ के बीच झड़प की भी खबरें आईं. रॉबिन्सन, जो इंग्लिश डिफेंस लीग (EDL) से जुड़े रहे हैं, ब्रिटेन में प्रवासन के खिलाफ मुखर आवाज माने जाते हैं. उनकी अगुवाई वाली इस रैली को कुछ लोगों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आह्वान बताया, लेकिन असल मुद्दा इमिग्रेशन ही रहा. बताया जा रहा है कि हाल ही में नेपाल में हुए आंदोलन से वामपंथी सरकार गिरी थी. अब ब्रिटेन के इस प्रदर्शन की तुलना भी नेपाल जैसी स्थिति से की जा रही है.
नेपाल और फ्रांस में सड़कों पर बवाल
हाल ही में नेपाल और फ्रांस, दोनों देशों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक और सामाजिक अशांति देखने को मिली. नेपाल में युवाओं ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और राजशाही की वापसी जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए. वहीं, फ्रांस में सरकार के कानूनों और आर्थिक नीतियों के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए.
शुरुआत में ये विरोध शांतिपूर्ण थे, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ गई और हिंसा भड़क उठी. जगह-जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव हुआ, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल भी हो गए.
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