वाराणसी में गंगा नदी तट पर बनी टेंट सिटी को अवैध किया घोषित, आखिर NGT ने क्यों लगाई रोक?


उत्तर प्रदेश में NGT ने वाराणसी में गंगा नदी के तट पर स्थापित टेंट सिटी को अवैध घोषित कर दिया है. NGT ने परियोजना के प्रस्तावकों से पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश दिया है. NGT ने निर्देश दिया कि भविष्य में गंगा नदी या उसकी सहायक नदियों के तट, बाढ़ क्षेत्र या नदी तल पर पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किसी भी प्रकार की टेंट सिटी या इसी तरह की गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी.

प्रदूषण बोर्ड से बिना अनुमति लिए संचालित की जा रही थी परियोजना

NGT ने कहा कि यह परियोजनाएं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की अनुमति प्राप्त किए बिना संचालित की जा रही थीं. NGT ने कहा कि पर्यावरण कानूनों और गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 का उल्लंघन करते हुए टेंट सिटी स्थापित और संचालित की गई थीं.

NGT ने कहा कि मेसर्स प्रवेग कम्युनिकेशंस (इंडिया) लिमिटेड और मेसर्स नीरान द टेंट सिटी द्वारा संचालित टेंट सिटी गंगा नदी के नदी तल और बाढ़ क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की अनिवार्य पूर्व स्वीकृति के बिना स्थापित की गई थीं.

करीबन 17 लाख का पर्यावरण मुआवजा लगाया

NGT ने 15 जनवरी 2023 से 31 मई 2023 की अवधि के दौरान उल्लंघन के लिए दोनों परियोजना प्रस्तावकों पर 17,12,500 का पर्यावरण मुआवजा लगाया. NGT ने यूपीबीसीबीपी और उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को तीन महीने के भीतर मुआवजे की वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *