वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ बनीं नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता, ट्रंप ही नहीं दावेदारों में थे ये बड़े नाम, पूरी लिस्ट



नोबेल शांति पुरस्कार 2025 का ऐलान हो गया है. इस साल का पुरस्कार वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ के नाम से विख्यात मारिया कोरिना मचाडो को लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के अथक प्रयास के लिए दिया गया है. पिछले एक साल से मारिया कोरिना मचाडो को छिपकर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है. अपनी जान की परवाह न करते हुए भी वो अपने काम में डटी रहीं. इनसे पहले नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की लिस्ट में जेल में बंद ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी (2023), दलाई लामा (1989) और मार्टिन लूथर किंग (1964) जैसे लोगों के नाम शामिल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला है. इस साल जेलेंस्की, पत्रकारों का समूह और बलूच कार्यकर्ता महरंग बलूच समेत अन्य 10 बड़े नाम इस लिस्ट में शामिल थे. 

इस वर्ष मुख्य दावेदारों में इमरजेंसी रिस्पांस रूम (ईआरआर) का नाम शामिल था, क्योंकि ईआरआर सूडान में 700 से अधिक समुदाय-आधारित संगठनों का एक नेटवर्क है जो ऐसी सेवाएं प्रदान करते हैं जो आमतौर पर सरकार द्वारा की जाती हैं. सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच दो साल के क्रूर युद्ध से तबाह देश में ईआरआर स्वयंसेवक चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं, सामुदायिक रसोई चलाते हैं. 

वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की रूसी आक्रमण के प्रतिरोध के प्रतीक बन गए हैं और उन्हें 2022 से एक विश्वसनीय शांति पुरस्कार विजेता के रूप में देखा जा रहा था. ट्रंप द्वारा शुरू की गई कीव और मॉस्को के बीच शांति वार्ता के ठप होने के बाद जेलेंस्की अपने संकटग्रस्त देश के लिए और अधिक समर्थन जुटाने में कामयाब रहे हैं.

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स

नोबेल समिति ने 2021 में प्रेस की रक्षा के लिए फिलीपीन पत्रकार मारिया रेसा, खोजी मीडिया आउटलेट रैपलर की संस्थापक और स्वतंत्र रूसी अखबार नोवाया गजेटा के प्रधान संपादक दिमित्री मुराटोव को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया था. गाजा पट्टी में चल रहे युद्धों को कवर करने के जोखिमों और वैश्विक स्तर पर स्वतंत्र प्रेस के लिए खतरों को देखते हुए रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने सितंबर में कहा था कि पिछले दो वर्षों में इजरायली सैन्य अभियानों के दौरान फिलिस्तीनी क्षेत्र में कम से कम 210 पत्रकार मारे गए हैं. आरएसएफ भी इस पुरस्कार की रेस में था.

महरंग बलूच

महरंग बलूच पाकिस्तान की सबसे प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में से एक हैं और वर्षों से बलूचिस्तान प्रांत में बलूचों के अपहरण और हत्याओं की निंदा करती आ रही हैं. उन्हें मार्च से बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा में जेल में रखा गया है. अधिकारियों ने उन पर आतंकवाद, राजद्रोह और हत्या का आरोप लगाया है. 

आईसीसी जो वर्तमान में वाशिंगटन के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, उसे भी नोबेल समिति से प्रतीकात्मक समर्थन मिलने की उम्मीद थी. अमेरिकी प्रतिबंध मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित दो इज़राइली अधिकारियों के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी वारंट और अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सेना द्वारा कथित युद्ध अपराधों की अदालती जांच के खिलाफ लगाए गए हैं. 

यूलिया नवलनया

रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की विधवा पत्नी यूलिया नवलनया ने अपने पति के मिशन को आगे बढ़ाने की कसम खाई है. उनके पति की फरवरी 2024 में आर्कटिक सर्कल में एक रूसी दंड कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. जून में उन्होंने क्रेमलिन के प्रचार का मुकाबला करने के लिए “फ्यूचर ऑफ रशिया” नाम से एक नया टेलीविजन चैनल लॉन्च किया. 

वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता चाउ हैंग-तुंग, हांगकांग में चीनी सत्ता के प्रमुख विरोधियों में से एक हैं. वह हांगकांग एलायंस समूह की उपाध्यक्ष थीं, जिसने 1989 के तियानमेन चौक नरसंहार की स्मृति में वार्षिक समारोह आयोजित किया था. 2021 में बीजिंग के दबाव के कारण समूह ने अपने विघटन की घोषणा की. 2021 से चाउ को कई बार गिरफ्तार किया गया है. नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अगर उन्हें राज्य सत्ता के विघटन के लिए उकसाने का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है.

2015 में स्थापित इज़राइली-फ़िलिस्तीनी शांति संगठन स्टैंडिंग टुगेदर के 5,300 सदस्य हैं. यह पश्चिमी तट पर बस्तियों के निर्माण का विरोध करता है और इज़राइलियों और फ़िलिस्तीनियों के बीच समानता के लिए अभियान चलाता है. 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादी हमलों के बाद से, इसके कार्यकर्ताओं ने गाजा में युद्ध का विरोध करने में अग्रणी भूमिका निभाई है. 

शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी

शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी, जो वर्तमान में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री हैं उन्होंने जनवरी में हमास और इज़राइल के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. कतर ने अमेरिका और तालिबान के बीच वार्ता में भी मदद की है. हाल के वर्षों में उन्होंने लेबनान, सूडान और यमन सहित विभिन्न संघर्षों में खुद को एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में खुद को स्थापित किया है. 

नाटो को नोबेल मिलने की संभावना कम ही थी , क्योंकि नाटो को यह पुरस्कार देने से यह धारणा पुष्ट होती कि नोबेल समिति का दृष्टिकोण पश्चिमी है. हाल के वर्षों में समिति ने इस आलोचना को गंभीरता से लिया है और इसके कारण वैश्विक दक्षिण के पुरस्कार विजेताओं के प्रति अधिक खुला दृष्टिकोण अपनाया गया है.  

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