वेनेजुएला में अमेरिका की एयरस्ट्राइक पर भड़के रूस, चीन और ईरान; यूरोपीय यूनियन ने ‘झाड़ा पल्ला’


वेनेजुएला में शनिवार (03 जनवरी, 2026) को अमेरिका ने भीषण हमला किया. यूएस आर्मी ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया. अमेरिकी विदेश सचिव के अनुसार, उनके खिलाफ अमेरिका में क्रिमिनल ट्रायल किया जाएगा. वहीं अमेरिका की इस हरकत पर रूस भड़क उठा तो दूसरी ओर यूरोपीय यूनियन ने मामले से किनारा कर लिया. रूस, ईरान समेत दुनिया भर के कई देशों ने अमेरिकी हमले की कड़ी आलोचना की और इसे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का ‘खुला उल्लंघन’ बताया.

रूस ने अमेरिका के इस हरकत पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की कार्रवाई को ‘बहुत चिंताजनक’ और निंदनीय बताया और कहा, ‘ऐसी कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बहाने बेकार हैं. विचारधारा की दुश्मनी ने बिजनेस जैसी प्रैक्टिकल सोच और भरोसे और पहले से तय रिश्ते बनाने की इच्छा पर जीत हासिल कर ली है.’

लैटिन अमेरिका को शांति वाला इलाका बना रहना चाहिए: रूस

रूस ने जोर देकर कहा कि जिन सभी साझेदारों को एक-दूसरे से शिकायतें हैं, उन्हें बातचीत से हल निकालना चाहिए और आगे बढ़ने से रोकना चाहिए. बयान में आगे कहा गया, ‘लैटिन अमेरिका को वही शांति वाला इलाका बना रहना चाहिए, जैसा उसने 2014 में खुद को बताया था और वेनेजुएला को बिना किसी नुकसान पहुंचाने वाले, मिलिट्री तो छोड़ ही दें, बाहरी दखल के अपनी किस्मत खुद तय करने का हक मिलना चाहिए.’

रूस ने आगे कहा कि हम वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता और उनके बोलिवेरियन लीडरशिप के रास्ते के लिए अपने समर्थन को फिर से पक्का करते हैं, जिसका मकसद देश के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करना है.

हम अमेरिका की इस कार्रवाई की निंदा करते हैं: चीन

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका द्वारा एक संप्रभु देश के खिलाफ एयरस्ट्राइक और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ की गई कार्रवाई से वह स्तब्ध है. साथ ही यूएस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है. चीन ने कहा, ‘अमेरिका के ऐसे वर्चस्ववादी कृत्य अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करते हैं. साथ ही लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा हैं. चीन इसका कड़ा विरोध करता है.’

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों एवं सिद्धांतों का पालन करने तथा अन्य देशों की संप्रभुता एवं सुरक्षा का उल्लंघन बंद करने का आह्वान करते हैं.’

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर क्या बोला क्यूबा?

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने भी शनिवार को वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका के ‘क्रिमिनल अटैक’ की निंदा की और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तुरंत जवाब देने की मांग की.

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, राष्ट्रपति कैनेल ने कहा कि लैटिन अमेरिका पर बेरहमी से हमला किया जा रहा है. उन्होंने इसे वेनेजुएला के बहादुर लोगों और हमारे अमेरिका के खिलाफ स्टेट टेररिज्म कहा. क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने भी हमले की निंदा की और कहा कि काराकास और देश के दूसरे इलाकों में बमबारी और मिलिट्री एक्शन एक ऐसे देश के खिलाफ कायरतापूर्ण काम हैं जिसने अमेरिका या किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया है.

UN चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ अमेरिका का एक्शन: ईरान

वहीं ईरान के मंत्रालय ने भी वेनेजुएला पर अमेरिकी मिलिट्री हमले की कड़ी निंदा की और इस हमले को “आक्रामकता की कार्रवाई” और यूनाइटेड नेशंस चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का साफ उल्लंघन बताया.

ईरान ने वेनेजुएला के अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, और खुद फैसला करने के अधिकार की रक्षा करने के अधिकार की फिर से पुष्टि की और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से देश पर अमेरिका के हमले को तुरंत रोककर अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी पूरी करने का आग्रह किया.

यूरोपीय यूनियन का अमेरिकी कार्रवाई पर क्या रहा रिएक्शन?

यूरोपीय यूनियन के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि और यूरोपियन कमीशन की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा, ‘मैंने विदेश सचिव मार्को रुबियो और काराकस में हमारे राजदूत से बात की है. ईयू वेनेजुएला के हालात पर करीब से नजर रख रहा है. ईयू ने बार-बार कहा है कि मादुरो के पास लेजिटिमेसी नहीं है और उसने शांतिपूर्ण बदलाव का बचाव किया है. सभी हालात में, अंतर्राष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए. हम संयम बरतने की अपील करते हैं. देश में ईयू के नागरिकों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.’

अमेरिका के सांसद ने की ट्रंप की आलोचना

अमेरिकी नेता जिम मेकगवर्न ने ट्रंप के इस कदम की निंदा करते हुए लिखा, ‘कांग्रेस से इजाजत लिए बिना और ज्यादातर अमेरिकियों के सैन्य एक्शन के खिलाफ होने के बावजूद, ट्रंप ने वेनेजुएला पर एक गलत, गैर-कानूनी हमला किया है. वह कहते हैं कि हमारे पास अमेरिकियों के हेल्थकेयर के लिए काफी पैसे नहीं हैं, लेकिन किसी तरह हमारे पास जंग के लिए अनलिमिटेड फंड हैं?’

ब्रिटेन के सांसद ने ट्रंप को घेरा

ब्रिटेन के एक अन्य सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने ट्रंप के एक्शन की कड़ी आलोचना की और कहा, ‘अमेरिका ने वेनेजुएला पर बिना किसी उकसावे के और गैर-कानूनी हमला किया है. यह वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर कंट्रोल पाने की एक खुली कोशिश है. यह युद्ध जैसा काम है जिससे लाखों लोगों की जान खतरे में है और इसकी निंदा हर उस व्यक्ति को करनी चाहिए जो संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून में विश्वास करता है.’

स्पेन का क्या है रिएक्शन?

स्पेन की वीओएक्स पार्टी के अध्यक्ष सेंटिआगो अबसकल ने लिखा, ‘आज दुनिया थोड़ी ज्यादा आजाद है. हमें इसके लिए खुश होना चाहिए और वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली का सपोर्ट करना चाहिए. मैड्रिड फोरम के अपने साथियों के साथ हम इसके लिए काम करेंगे. इसके उलट, पेड्रो सांचेज (स्पेन के पीएम) बहुत परेशान होंगे. मादुरो का गिरना सांचिस्टा माफिया के लिए अबालोस और सेर्डान की गिरफ्तारी से भी बड़ा झटका है.’

ब्रिटेन की सांसद जारा सुल्ताना ने कहा, ‘वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और यह कोई इत्तेफाक नहीं है. यह अमेरिका का खुला साम्राज्यवाद है. काराकास पर एक गैर-कानूनी हमला जिसका मकसद एक आजाद सरकार को हटाना और उसके संसाधनों को लूटना है. स्टार्मर की लेबर सरकार को इसकी साफ तौर पर निंदा करनी चाहिए. वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता.’

स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘किसी देश की आजादी का उल्लंघन करने के लिए एकतरफा सैन्य हमला गलत है, चाहे वह फिलिस्तीन हो, यूक्रेन हो या वेनेजुएला. हमें तुरंत अंतर्राष्ट्रीय कानून और नियमों, बातचीत और सहयोग पर आधारित दुनिया में लौटना होगा.’



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